फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एडमिशन न होने से आहत छात्र ने की आत्महत्या

विज्ञापन
विज्ञापन
एडमिशन न होने से आहत छात्र ने गोली मारकर की आत्महत्या
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। नई मंडी में मांडी की धर्मशाला के पास रहने वाले हाइडिल कर्मचारी के इकलौते बेटे ने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। स्नातक में कम अंक आने के कारण उसका अच्छे संस्थान में एडमिशन नहीं हो पा रहा था, जिसके चलते वह तनाव में था।
हाइडिल कर्मचारी शिवकुमार गर्ग के इकलौते बेटे अपूर्व गर्ग (25) ने इसी साल स्नातक उत्तीर्ण किया था, लेकिन उसके अंक काफी कम आए थे। इसके चलते उसे किसी अच्छे संस्थान में एडमिशन नहीं मिल रहा था। इंस्पेक्टर ने बताया कि इस कारण वह मानसिक तनाव में था। मंगलवार दोपहर अपूर्व ने कमरा बंद कर पिता की लाइसेंसी पिस्टल कनपटी से सटाकर गोली मार ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, तो अपूर्व लहूलुहान हालत में पड़ा था। उसे तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से मेरठ रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि शव मोर्चरी भेज दिया है। घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल को कब्जे में ले लिया है। अपूर्व किस कोर्स में एडमिशन लेना चाहता था, यह परिजनों से ही पता चलेगा, फिलहाल वे बात करने की स्थिति में नहीं हैं।
विज्ञापन

एमसीए करना चाहता था अपूर्व
मुजफ्फरनगर। शिक्षा व्यवस्था में लागू अंक प्रणाली ने छात्र की जिंदगी छीन ली। नई मंडी में आत्महत्या करने वाला अपूर्व एमसीए करना चाहता था, लेकिन स्नातक में कम रह गए अंकों ने उसका यह सपना पूरा नहीं होने दिया। इसके चलते मानसिक तनाव में आए युवक ने आखिरकार मंगलवार दोपहर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
नई मंडी क्षेत्र के मांडी की धर्मशाला के पास रहने वाले शिवकुमार गर्ग हाइड्रिल विभाग में कार्यरत हैं। धर्मशाला के पास ही उनका शानदार मकान है। शिवकुमार के परिवार में पत्नी के साथ ही इकलौता बेटा अपूर्व गर्ग और बड़ी बेटी ही हैं। इंस्पेक्टर नई मंडी योगेश कुमार ने बताया कि शिवकुमार की बेटी फिलहाल बंगलूरू में रहकर जॉब कर रही हैं, जबकि अपूर्ण कंप्यूटर इंजीनियर बनने के ख्वाब संजोते हुए एमसीए की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान स्नातक में अपूर्व के काफी कम अंक आए, जिसके चलते उसे किसी भी कॉलेज में एमसीए करने के लिए एडमिशन नहीं मिल पा रहा था। इसके चलते अपूर्व कुछ समय से मानसिक तनाव में चल रहा था। आखिरकार मंगलवार दोपहर उसने पिता की लाइसेंसी पिस्टल उठाकर कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
विज्ञापन

रुपये निकालने को कहना दे गया जिंदगी भर का गम
मुजफ्फरनगर। कम अंकों के कारण अपूर्व गर्ग किसी कॉलेज में एडमिशन नहीं होने के कारण मानसिक तनाव में था। पिता शिवकुमार गर्ग उस पल को कोस रहे हैं, जब उन्होंने अपूर्व को बैंक में जमा कराने के लिए रुपये अलमारी से निकालकर लाने के लिए कहा। उनका कहना है कि यदि वे बेटे को अलमारी से रुपये निकालने को न कहते तो शायद वह अलमारी में रखी लाइसेंसी पिस्टल भी न देखता और आज हमारे बीच ही होता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें