मुजफ्फरनगर। ईरान के सुप्रीम लीडर और शिया धर्मगुरु आयतुल्ला सैयद अली खामनेई की हत्या के विरोध में शिया समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने जुलूस निकालकर अमेरिका और इजराइल के विरोध में नारेबाजी की। राष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन में बमबारी रुकवाने की मांग रखी गई।
रविवार को शिया समाज के लोग किदवई नगर जैनबिया इंटर कॉलेज और आसपास एकत्र होना शुरू हो गए। दोपहर तीन बजे सैकड़ों लोग जुलूस के रूप में तबलशाह सड़क व खालापार होते हुए फक्करशाह चौक पहुंचे। शिया समाज की महिलाओं और बच्चों ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
एडीएम प्रशासन संजय कुमार सिंह को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। खामनेई की हत्या का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक तौर पर हस्तक्षेप की मांग रखी। नसीम हैदर जैदी ने कहा कि आयतुल्ला खामनेई ने जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद की थी।
इस दौरान मदरसा होजा-ए-इल्मियां इमाम हुसैन के प्रबंधक मौलाना असद रजा, मौलाना गजनफर हुसैन, मौलाना मोहम्मद हुसैनी, मौलाना फसी हैदर, मौलाना शादाब, मौलाना बाकर काजमी, मौलाना नईम अब्बास, रौनक हसनैन, अली जैदी, कमर हसनैन, शादाब जैदी आदि शामिल रहे।
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सादात हॉस्टल तक जुलूस ले जाने की नहीं मिली अनुमति
शिया समाज के लोगों की ओर से विरोध प्रदर्शन करते हुए किदवई नगर से आर्य समाज सड़क सादात हॉस्टल शिया मस्जिद तक जुलूस ले जाने की मांग की गई थी। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर और एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा की मौजूदगी में शिया समाज के लोगों ने डीएम उमेश मिश्रा से फोन पर वार्ता की। सुरक्षा और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए जुलूस फक्करशाह चौक से आगे ले जाने की अनुमति नहीं दी।
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जौली में विरोध प्रदर्शन, अमेरिका-इजराइल पर आरोप
भोपा। गांव जौली में शिया समुदाय ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की।
जुलूस गांव की छोटी मस्जिद से शुरू होकर करबला पहुंचा, जिसमें सैकड़ों पुरुष, महिलाएं और बच्चे पोस्टर लेकर शामिल हुए। करबला में मौलाना अली मेंहदी और जहूर मेंहदी ने अमेरिका व इजराइल पर अनावश्यक युद्ध थोपने तथा निर्दोष नागरिकों की हत्या का आरोप लगाया। पूर्व प्रधान शाह रजा, रेहान काजमी और डॉ. हसन मेंहदी सहित कई लोग मौजूद रहे।