सोरम की सर्वखाप सर्वजातीय पंचायत में स्वामी ओमानंद ब्रहमचारी का अभिनंदन करते हुए : संवाद
शाहपुर। गंगा की कसम, जमुना की कसम, यह ताना-बाना बदलेगा। तू खुद तो बदल-तू खुद तो बदल, बदलेगा जमाना बदलेगा...शेर के साथ सर्वखाप सर्वजातीय पंचायत ने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार कर और बदलाव का संकल्प लिया। नए दौर में परिवार मजबूत करने, सामाजिक भाईचारा बनाने और संस्कृति बचाने पर जोर दिया गया। बच्चों को महापुरुषों की जीवनियां पढ़ाने और स्वतंत्रता आंदोलन की जानकारी देने का आह्वान किया गया।
संयुक्त गुर्जर परिषद के डॉ. दीपक शरण ने सामाजिक कुरीतियों और भविष्य की चुनौतियों पर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक जागरूकता और चेतना का सही समय है। युवाओं को जागना होगा। एडवोकेट राजकुमार ने कहा कि जाति भगवान ने नहीं बनाई। जातियों की संरचना किसी शक्तिशाली इंसान ने की होगी। सर्वसमाज को एक करना होगा। अपने अंदर की कमियों पर चर्चा करने के बाद ही अपनी बुराइयों का खात्मा कर सकती है। जब तक किसान बाजार पर नियंत्रण नहीं करेगा, जब तक अपने माल की बिक्री नहीं करेगा, तब तक हालत नहीं सुधरेगी। गठवाला खाप ब्राहमण के बाबा सतेंद्र शर्मा ने कहा कि समाज से जुड़े रहेंगे और समाज के साथ मिलकर चलेंगे। अहलावत खाप के चौधरी गजेंद्र अहलावत ने कहा कि मृत्युभोज को हवन पर ही खत्म किया जाना चाहिए। रसगुल्लों का वितरण मृत्युभोज में शर्मसार करने वाला है। बच्चों को शिक्षित करने पर जोर दिया गया।
खाप 360 जटवाड़ा सोनीपत के संरक्षक अशोक खत्री ने कहा कि खुद से बदलाव शुरू करना होगा। अपने ऊपर लागू किए जाने से फैसले और अधिक बेहतर तरीके से समाज में क्रियान्वित हो सकते हैं।
सोरम की सर्वखाप सर्वजातीय पंचायत में स्वामी ओमानंद ब्रहमचारी का अभिनंदन करते हुए : संवाद