संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति के तहत जड़ौदा और बेगराजपुर की 100 एकड़ से अधिक भूमि में विकसित हो रही आवासीय योजना में स्टॉर्म ड्रेन सिस्टम और एसटीपी की स्थापना करनी होगी। एमडीए की ओर से कॉलोनी का मानचित्र स्वीकृत किया जा चुका है। अब स्टॉर्म ड्रेन सिस्टम और एसटीपी के लिए अलग से ड्राइंग प्रस्तुत की गई है।
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 100 एकड़ भूमि में निजी क्षेत्र की इंटीग्रेटेड टाउनशिप योजना पर कार्य चल रहा है। जहां लोगों को आवासीय सुविधाओं के साथ ही बच्चों की गुणवत्ता परक शिक्षा के लिए स्कूल, मनोरंजन के लिए थियेटर और विभिन्न खेलों के लिए आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराए जाने का दावा किया जा रहा है।
करीब दो हजार करोड़ से अधिक निवेश की इस परियोजना के तहत एमडीए अन्य सुविधाओं को लेकर भी गंभीर है। एमडीए की ओर से टाउनशिप में स्टार्म ड्रेन सिस्टम यानी तूफानी जल निकासी प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके तहत बारिश के पानी को पाइपों से एकत्रित कर नदी तक भेजने के लिए डिजाइन किया जाता है।
यह सेनेटरी सीवर सिस्टम से एक अलग प्रकार का सिस्टम होता है। जबकि टाउनशिप में एसटीपी की स्थापना भी की जाएगी। एमडीए सचिव कुंवर बहादुर सिंह का कहना है कि संबंधित टाउनशिप में स्वीकृत मानचित्र से अलग स्टॉर्म ड्रेन सिस्टम और एसटीपी की ड्राइंग प्रस्तुत करनी होगी।