मुजफ्फरनगर। आंधी और ओलावृष्टि ने आम, नाशपाती, आडू और आलूबुखारा, लीची फलों की फसल को बर्बाद कर दिया। जिले भर के बागों में फलों के पुराने पेड़ उखड़ गए और मौसम के अधपके फल टूटकर जमीनों पर बिखर गए। आंधी से हुए नुकसान से बाग के ठेकेदार मायूस है। शहर के कंपनी बाग, भोपा रोड के सतबीजड़ा बाग में आम की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
आंधी ने शुक्रवार रात फल उत्पादकों को सबसे ज्यादा क्षति पहुंचाई। ट्रांसपोर्ट नगर के सामने सतबीजड़ा बाग में आठ क्विंटल से अधिक आम बर्बाद हो गया। आंधी में संभलने का मौका तक नहीं मिला। आम की किस्म लंगड़ा, चौसा और दशहरी टूटकर बागों में बिखर गए।
फुरकान ने बताया कि आठ क्विंटल से ज्यादा आम आंधी में टूटने के बाद गिली मिट्टी में गिरकर खराब हो गया है। जैसे तैसे आम को एकत्रित किया है, मगर पानी से साफ नहीं कर सकते। पानी लगते ही आम पर दाग आ जाएगा। दिल्ली-दून हाईवे से जुड़े संधावली और शेरनगर के बाग में भी आंधी के साथ ओले पड़ने से आम की फसल बर्बाद हो गई। ठेकेदार रिजवान ने बताया कि ओलों ने आम को खराब कर दिया है। शहर के निकट सिलाजुड्डी, बहादरपुर, जड़ौदा आदि गांव में भी आम के बागों में बड़ी संख्या में आंधी ने फसल को नुकसान दिया है।
मेरठ रोड स्थित कंपनी बाग में कई पेड़ टूट गए। नाशपाती, लीची, आडू और आम की फसल आंधी में गिर गई। बाग की रखवाली में जुटें कर्मचारी दिनभर टूटे फलों को इकट्ठा करने में लगे रहे। ठेकेदार दिलशाद ने बताया कि अबकी बार बागों के ठेके में नुकसान होगा, क्योंकि कई बार तेज आंधी के साथ ओले पड़ चुके है।
फलों को बचाना मुश्किल हो गया है। कच्ची नाशपाती आदि फल टूटने से उनमें मिठास नहीं आ पाएगी और बाजार में भाव भी नहीं मिलेगा। उधर, मुजफ्फरनगर के अधिशासी अभियंता अवनीश कुमार ने बताया कि रविवार को जौली रोड पर काम के कारण सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक जानसठ रोड, अलमासपुर, भरतिया कालोनी, कूकडा, नई मंडी, पटेल नगर, अवध विहार, कंबलवाला बाग, एटूजेड कालोनी आदि इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।
दीवार गिरी, मलबे में दबकर ग्रामीण की मौत
मुजफ्फरनगर। शुक्रवार रात को तेज आंधी में शेरपुर गांव में भी मकान की दीवार गिरने से एक ग्रामीण की मौत हो गई। आंधी से जिले में मरने वालों की संख्या दो हो गई है। प्रशासन ने मृतकों के घरों पर पहुंचकर परिजनों को आपदा के तहत चार-चार लाख रुपये के चेक आर्थिक मदद के दिए हैं।
शुक्रवार रात को अचानक आई आंधी कहर बन कर टूटी है। रामलीला टिल्ला निवासी युवक धीरज पुत्र बाबू मंसूरपुर क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर स्थित एक रेस्टोरेंट में कर्मचारी था। वह आंधी के दौरान रेस्टोरेंट के बाहर खड़ा था, तभी एक यूकेलिप्टस का पेड़ उसके ऊपर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। उधर, आंधी के दौरान ही शहर कोतवाली के गांव शेरपुर में मुर्तजा(50) पुत्र तुफैल मकान में बैठा था, तभी अचानक भरभरा कर मकान की दीवार गिर गई, जिसके नीचे वह दब गया।
उसका भाई फारूख उसे लेकर अस्पताल आया। यहां से उसे मेरठ रैफर कर दिया गया, मगर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर, शहर के लददावाला निवासी शाकिर का 15 वर्षीय बेटा फुरकान भी आंधी के समय अचानक दरवाजा उसके ऊपर गिरने से गंभीर घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।