मुजफ्फरनगर/ तितावी। तितावी के गांव मांडी में दोना फैक्टरी से मुक्त कराएं गए छह मजदूरों के पुलिस ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। वहीं इस मामले में फरार आरोपी फैक्टरी मालिक अंकित बालियान सहित दोनों आरोपियों का पुलिस का सुराग नहीं लगा सका हैं। वहीं चार मजदूरों के परिजन तितावी थाने पहुंचे है।
तितावी थाना पुलिस ने फैक्टरी में बंधक बनाकर रखे गए बाहर मजदूरों को बंधन मुक्त कराया था। पुलिस ने उन्हें उनके घर भेजने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। इसी क्रम में छह मजदूरों रंजीत, साहिल व व्रिक्रम व जगदीश, बिहार निवासी संतोष, उज्ज्वल को बयान के लिए कोर्ट ले जाया गया। इनमें से संतोष व उज्ज्वल के बयान कोर्ट में समय ज्यादा होने के कारण नहीं हो सके।
उधर, थाने में बैठे औरैया निवासी शिवम की माता राजरानी व पिता विरन, बिहार निवासी संतोष का साला बिहार निवासी रविन, बिहार निवासी उज्ज्वल का भाई प्रीतम कुमार, राजस्थान निवासी विक्रम का भाई महक सिंह तितावी थाने पहुंचे। अन्य मजदूरों के परिजनों को सूचना दी गई है।
सोनू चौहान निवासी आगरा, रामू निवासी नैनीताल, राज हंस निवासी बिहार, नारायण निवासी छत्तीसगढ़, दिलशाद निवासी अमरोहा, सीताराम निवासी बिहार व जगदीश निवासी बिहार, साहिल निवासी बिहार, रंजीत निवासी बिहार के परिजनों का इंतजार किया जा रहा है। थाना पुलिस ने सभी को नए कपड़े पहनने के लिए दिए हैं।
ऐसे भागा था विक्रम-
मजदूरों ने बताया कि फैक्टरी का सुपरवाइजर शिवा शराब पीने गया था। मालिक अंकित बालियान भी नहीं था। मालिक का पिता प्रदीप सामान लेने आया था। फैक्टरी में दो गेट थे। एक का बंद कर वह काम करते थे। बिजली भागने पर ही आराम मिलता था। प्रदीप फैक्टरी में आया तो उसको चकमा देकर विक्रम को बाहर परिसर में निकाल दिया। उसके ऊपर तिरपाल डाल कर उसे छिपा दिया। प्रदीप के जाने के बाद विक्रम को दीवार से कूदा कर भगा दिया। तीन लोगों ने उसका पीछा भी किया लेकिन वह ईख में छिप गया और बाद में तितावी थाने जा पहुंचा था। शिवा ने आकर कैमरे देखे और विक्रम को न पाकर सभी की पिटाई की थी।
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वर्जन
इस मामले में वांछित फैक्टरी मालिक अंकित बालियान व एक अन्य की तलाश की जा रही है। चार मजदूरों के कोर्ट में बयान दर्ज कराएं है। सभी मजदूरों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। - अक्षय संजय महाडीक, एसपी देहात
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ये था मामला-
मांडी गांव में दोना बनाने की फैक्टरी में राजस्थान, बिहार, आगरा व अन्य स्थानों के रहने वाले 13 मजदूरों को मजदूरों को दस से बारह हजार रुपये प्रतिमाह वेतन, खाना व रहने की सुविधा देने का वादा कर काम करने के लिए लाया गया था। डेढ़ साल उसे बंधक बनाकर काम कराया जा रहा था। सूखी रोटी देते थे। पिटाई भी करते थे। एक मजदूर विक्रम किसी तरह फैक्टरी से भाग कर तितावी थाने पहुंचा था। इसके बाद फैक्टरी में बंधक बनाए मजदूरों को मुक्त कराया था। मजदूरों ने बताया कि उन्हें कुत्तों से कटवाया जाता था, कोड़े मारे जाते थे।
वर्जन
बंधुआ श्रमिक पुर्नवासन योजना के तहत सभी मजदूरों को एक-एक लाख रुपये की मदद की जाएगी। फैक्टरी मालिक के खिलाफ बाल श्रम अधिनियम के तहत थाना पुलिस कार्रवाई कर रही है। - देवेश सिंह, सहायक श्रम आयुक्त, मुजफ्फरनगर
तितावी थाना में अपनों से मिलकर खुशी जाहिर करते परिजन स्रोत पुलिस विभाग
तितावी थाना में अपनों से मिलकर खुशी जाहिर करते परिजन स्रोत पुलिस विभाग