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प्रदेश सरकार देगी 20 लाख का इनाम, राजपत्रित अधिकारी की मिलेगी नौकरी

Thu, 23 Aug 2018 12:41 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
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दिव्या काकरान की जीत पर मिठाई बांटते खिलाड़ी। - फोटो : अमर उजाला
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पक्के इरादे जब सफलताओं की सीढ़ियां चढ़ते है, तो जिंदगी में खुशियां बरसने लगती है। दुश्वारियों का दौर बीत गया है। जिस दिव्या को पहलवान बनाने के लिए परिवार ने मुश्किलें झेली, उन्हें बेटी की कामयाबी ने शोहरत के साथ दौलत भी दे दी है। 20 साल की दिव्या के सामने लंबा कॅरियर है और वह भारत के लिए कई बड़े पदक जीतने का हौसला रखती है। जकार्ता में पदक जीतने के बाद दिव्या ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कुश्ती के लिए वह ज्यादा मेहनत करेगी और तकनीकी रुप से दक्ष बनेगी।
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पुरबालियान के सूरजवीर पहलवान ने सिर्फ एक ही फोकस रखा कि बेटी को अंतरराष्ट्रीय पहलवान बनाना है। उनकी जिद जीत गई और आज बेटी देश की शीर्ष पहली पांच महिला रेसलर की सूची में शामिल है। एशियाई खेलों के लिए केवल छह महिला पहलवानों का चयन हुआ था, जिसमें से हरियाणा की विनेश फोगाट और यूपी की दिव्या काकरान ने क्रमश: गोल्ड एवं ब्रांज मेडल जीते।

मुफलिसी से जद्दोजहद के बाद दिव्या की कामयाबी ने उसकी ही नहीं, बल्कि परिवार की भी किस्मत बदल दी है। बेटी के ब्रांज मेडल पर प्रफुल्लित पिता सूरजवीर कहते है कि भारत केसरी जीतने पर दिव्या को दस लाख का इनाम मिला, तो उसके लिए सलेरिया कार खरीदी। हालांकि अभी वह ड्राइविंग नहीं करती, मुझे ही कार चलानी पड़ती है।
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उसे फिल्मों का शौक नहीं है, मगर हरियाणवी गाने खूब सुनती है। अखाडे़ के बाद जिम में वक्त गुजारती है। बास्केटबाल और फुटबाल दूसरे पसंदीदा खेल है। पदक जीतने के बाद जकार्ता से फोन पर बोली, पापा कैसी रही मेरी कुश्ती। उन्हें ओलंपियन सुशील कुमार और साक्षी मलिक की हार के बाद मायूसी हो गई थी, लेकिन दिव्या ने ख्वाब पूरा कर दिया। एक कंपनी उसको कपड़े स्पोंसर कर रही है।

धीरे-धीरे उसकी जिंदगी में नई खुशियां महकने लगी है। कॉमनवेल्थ गेम्स में ओलंपियन साइना नेहवाल ने उसे अपनी टी-शर्ट गिफ्ट की थी। ओलंपियन सतपाल पहलवान ने उसे छत्रसाल स्टेडियम में प्रेक्टिस की अनुमति दी है, जहां वह अकेली महिला पहलवान है। दिन में आठ घंटे प्रेक्टिस करती है। बताते चले कि प्रदेश सरकार ने कांस्य पदक जीतने पर दिव्या को 20 लाख रुपये और राजपत्रित अधिकारी की नौकरी देने की घोषणा की है।

हंगरी में दिखाएगी कमाल
मुजफ्फरनगर। हंगरी में 20 से 27 अक्तूबर तक होने वाली वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में दिव्या भाग लेगी। 24 अगस्त को जकार्ता से वह स्वदेश आएगी। चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में 29 अगस्त को उसका अभिनंदन समारोह होगा। पिता के मुताबिक पैतृक गांव पुरबालियान में आने की तिथि बाद में तय की जाएगी।  

मुंबई में होगा घुटने का इलाज
मुजफ्फरनगर। दाए पैर के घुटने में चोट के बावजूद दिव्या एशियाड में भागेदारी के लिए गई। वहां से लौटने के बाद उसका मुंबई में इलाज होगा। फिलहाल दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा है।

प्रशिक्षु पहलवानों ने बांटी मिठाई
मुजफ्फरनगर। एशियाई खेलों में दिव्या काकरान के कांस्य पदक जीतने पर चौधरी चरण सिंह जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में कुश्ती खिलाड़ियों ने खुशियां मनाई। प्रशिक्षु खिलाड़ियों ने दिव्या को बधाई दी। मिठाइयां बांट कर जिले की बेटी की सफलता पर खुशी का इजहार किया गया। कोच जितेंद्र सिंह, सुशील, विकास, नरेंद्र पंवार, अंकुर राठी, गौरव, चिराग, उज्ज्वल, आर्यन, अदिति आदि मौजूद रहे।  

दादा राजेंद्र को पहनाई पगड़ी, गांव में जश्न
मंसूरपुर। प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी प्रेम कुमार एवं हरफूल सिंह के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने पुरबालियान गांव में दिव्या काकरान के दादा राजेंद्र पहलवान का अभिनंदन कर पगड़ी पहनाई। 18 वें एशियन गेम्स में ब्रांज मेडल जीतने की कामयाबी पर गांव में जश्न मना। वक्ताओं ने कहा कि दिव्या ने जिले का गौरव बढ़ा दिया है। कुश्ती कोच जितेंद्र सिंह ने कहा कि वह ओलंपिक में देश को पदक दिलाने की क्षमता रखती है। इस मौके पर मुकेश कुमार, रणजीत चंद, मुनीष शर्मा, सुनीता रानी, अभिलाषा यादव, नरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।  
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