मुजफ्फरनगर। मुस्लिम जाट महासभा ने दीवान हॉस्पिटल प्रकरण में मृतक के परिजनों पर किए गए मुकदमे वापस करने और पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करने की मांग की है। महासभा ने 24 अगस्त को कलक्ट्रेट में दिए जाने वाले धरने का समर्थन किया है।
ऑल इंडिया मुस्लिम जाट महासभा की जिला कार्यालय मिमलाना रोड पर बैठक हुई। जिसमें बताया कि 20 अगस्त को दीवान हास्पिटल पर सांझक गांव के अरशद की पथरी के ऑपरेशन के बाद हुई मृत्यु पर हंगामा हुआ था। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष यूसुफ चौधरी ने कहा कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत पूर्व सांसद कादिर राना और उसके समर्थकों ने इस प्रकरण को हवा दी। उन्होंने भीड़ को उग्र किया। मृतक अरशद के पिता लताफत और उनके समर्थकों रालोद नेता इरशाद अली, इमरान, शमीम, सूबेदीन, वसीम आदि को जेल भेज दिया। यूसुफ ने कहा कि डॉक्टर की लापरवाही की वजह से अरशद की मौत हुई है। जो घटना हुई एक हादसा है। मृतक के परिवार को दस लाख का मुआवजा दिया जाए। मृतक अरशद के समर्थकों पर की गई कार्रवाई को वापिस लिया जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो संगठन कार्रवाई को मजबूर होगा। बैठक में प्रदेश सचिव कारी तारीक ने कहा कि 24 अगस्त को होने वाले धरने में संगठन पूरी तरह शामिल रहेगा। अरशद के परिवार वालों को इंसाफ दिलाया जाएगा। मौहम्मद उमर, गय्यूर अली, इलियास आदि मौजूद रहे।