मुजफ्फरनगर/चरथावल। दूधली में संविदा बिजली कर्मचारी जितेंद्र की मौत के मामले में जेल गए जेई (अवर अभियंता) राजकुमार और एसएसओ (सब स्टेशन ऑपरेटर) अरुण कुमार की जमानत मंजूर हो गई। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया। गैर इरादतन हत्या में दोनों आरोपियों का चालान किया और अदालत में लापरवाही से मौत की रिपोर्ट दाखिल की। धारा बदलते ही जमानतीय हो गई। एसएसओ को रिहा कर दिया गया है, जबकि तकनीकी वजह से जेई जेल में ही हैं।
पुलिस रिपोर्ट में धारा विलोप करने के बाद जमानतीय धारा में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता अग्रवाल ने दोनों की जमानत स्वीकृत की। बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क रखा कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 का विलोप हो चुका है। जमानतीय धारा 106 (1) में जमानत अर्जी दाखिल की गई। अदालत ने 20-20 हजार रुपये के बंधपत्र दाखिल करने के आदेश दिए। उधर, जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी ने बताया कि तकनीकी वजह से राजकुमार को रिहा नहीं किया गया।
क्या था मामला : आठ सितंबर को दूधली गांव में खंभे पर लाइन ठीक कर रहे संविदाकर्मी बारु उर्फ जितेंद्र की करंट की चपेट में आ जाने से मौत हो गई थी। मृतक के भाई सोहनवीर ने बिजलीघर पर तैनात फर्रुखाबाद के थाना फतहगढ़ के गांव नौगवां निवासी जेई राजकुमार और सहारनपुर के नानौता थाने के कल्लरपुर राजपूत निवासी एसएसओ अरुण कुमार के खिलाफ रंजिशन और जान-बूझकर लाइन चालू कर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।