जैन मुनि नयन सागर की वीडियो वायरल की सच्चाई को उजागर करने के लिए सोमवार को अंबाला में होने वाली 15 सदस्यीय जांच समिति की बैठक स्थगित हो जाने से जैन समाज के लोगों में रोष व्याप्त है। यमुनापार जैन समाज दिल्ली कार्यकारिणी ने अगला कदम उठाते हुए शीघ्र ही जैन समाज की सामूहिक बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। अगली बैठक में ही जैन मुनि प्रकरण को लेकर रणनीति तय की जाएगी।
यमुनापार जैन समाज दिल्ली के अध्यक्ष पंकज जैन, शैलेश जैन बॉबी महामंत्री, चमन लाल जैन कोषाध्यक्ष एवं समस्त कार्यकारिणी के सदस्यों की ओर से जैन समाज को भेजे गए संदेश में बताया कि आठ अगस्त को यमुनापार एवं एनसीआर के 91 मंदिरों, खतौली एवं मेरठ के प्रतिनिधि चंडीगढ़ में जैन मुनि नयन सागर प्रकरण में वहां के समाज एवं महाराज से बात करने के लिए गए थे। चंडीगढ़ में दिगंबर जैन मंदिर में प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों एवं नयन सागर महाराज की सहमति से एक 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था।
तय हुआ था कमेटी का निर्णय सर्वमान्य होगा। नयन सागर महाराज ने चंडीगढ़ प्रशासन के समक्ष कहा था कि यह कमेटी जो भी निर्णय देगी वह मुझे स्वीकार होगा। इस विषय में चंडीगढ़ जैन समाज एवं राजेश जैन सहारनपुर वालों से अध्यक्ष पंकज जैन लगातार संपर्क करते रहे। 14 अगस्त को चंडीगढ़ समाज के पदाधिकारी संत कुमार एवं अध्यक्ष के बीच में फोन पर यह बैठक 20 अगस्त को अंबाला में करने पर सहमति बनी थी। 18 अगस्त को अध्यक्ष पंकज जैन ने संत कुमार जैन से फोन पर बात की, तो उन्होंने कहा कि वे इस समय धनबाद में हैं और शाम को आपको जवाब दूंगा।
शाम के समय एवं 19 अगस्त को दोपहर चार बजे तक भी उन्होंने अध्यक्ष पंकज जैन का फोन रिसीव नहीं किया। इस पर मंत्री राजेश जैन ने चंडीगढ़ में कैलाश जैन से बात की और वस्तु स्थिति से अवगत कराया। कहा कि हमारे यहां इस प्रकरण को संत कुमार जैन देख रहे हैं। शाम करीब सात बजे संत कुमार जैन का फोन अध्यक्ष के पास आया और कहा कि मेरे पीछे चंडीगढ़ जैन समाज के प्रधान और मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। इसलिए यह बैठक 20 अगस्त को नहीं हो सकती। मैं अपने समाज में बात करके शीघ्र ही इस बैठक को कराऊंगा। अब यमुनापार जैन समाज दिल्ली कार्यकारिणी ने कहा कि इस प्रकरण पर यमुनापार जैन समाज, एनसीआर एवं पश्चिम उत्तर प्रदेश के जैन समाज की एक सामूहिक बैठक शीघ्र ही आयोजित की जाएगी, जिसकी सूचना खतौली के जैन समाज को दे दी जाएगी।
बेटी की बरामदगी के लिए मदद की गुहार लगाई
खतौली। जैन मुनि नयन सागर की वीडियो वायरल का सच 20 अगस्त को सामने आने वाला था। 15 सदस्यीय जांच समिति की बैठक अंबाला में होनी निश्चित की गई थी। इससे पूर्व ही चंडीगढ़ के जैन समाज के प्रधान व मंत्री ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। खतौली के जैन समाज के कुछ लोगों का कहना है कि आखिरकार क्या वजह थी कि 15 सदस्यीय जांच समिति की बैठक होने से पूर्व इस्तीफा दे दिया गया।
इस संबंध में युवती के पिता का कहना है कि चंडीगढ़ के जैन समाज के पदाधिकारी जैन मुनि के पक्ष में हैं और उनको बचाना चाहते हैं। उन्होंने सामूहिक जैन समाज की होने वाली बैठक में जैन समाज के लोगों से उनकी मदद के लिए बेटी को सकुशल बरामदगी कराने तथा जैन मुनि की वीडियो वायरल का सच दुनिया के जैन समाज के सामने लाने की गुहार की है।
युवती बोली, महाराज को बदनाम करने के लिए मेरा इस्तेमाल किया
सहारनपुर। जैन मुनि नयन सागर जी महाराज के एक युवती की वायरल हो रही वीडियो से मचे बवाल के बीच युवती ने सहारनपुर पहुंचकर डीआईजी के समक्ष अपनी सफाई दी और मीडिया के सामने आकर कुछ लोगों पर जैन मुनि को बदनाम करने के षड्यंत्र का आरोप लगाया। उसने आरोप लगाया कि उसके फोटो के साथ छेड़छाड़ कर उसे आपत्तिजनक बनाया और फिर सोशल साइट पर वायरल करने की धमकी देकर उसे महाराज के कमरे में जाने के लिए मजबूर कर दिया। उसने कहा कि तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक संघर्ष करती रहेगी। उसके अपने परिजन और जैन समाज के कुछ लोग ही उसके खिलाफ हो गए।
सोमवार को युवती सहारनपुर पहुंची और डीआईजी से मिलकर अपनी सफाई पेश की। साथ ही एक ज्ञापन भी डीआईजी को सौंपा। उसके बाद मीडिया को बुलाकर जैन समाज के कुछ लोगों द्वारा जैन मुनि पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया। युवती ने कहा कि मुजफ्फरनगर के जैन मंदिर वहलना के एक पदाधिकारी ने अपने साथ एक महिला एवं एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर यह षड्यंत्र रचा।
आरोप लगाया कि खतौली के ही रहने वाले आरोपी पदाधिकारी ने उसके फोटो से छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो बना दिया और उसे सोशल साइट पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी उससे रुड़की में मिला जहां वह एमबीए कर रही थी। उसे धमकाकर 14 अप्रैल को वहलना ले आया। जहां उससे कहा गया कि अपनी सलामती चाहती हो तो जैसे-जैसे कहा जा रहा है, वैसे-वैसे करो।
उसे महाराज श्री के कमरा नंबर 101 में भेजा गया और एक घंटे तक उलझाकर रखने का टास्क दिया गया। महाराज ने उससे कुछ देर बात करने के बाद जाने के लिए कहा, लेकिन वह किसी तरह से बातों में उलझाए रही। उसके बाद वह अपने 105 नंबर कमरे में चली गई। 23 जून को फिर से उसे बुलाया गया। उसे फिर महाराज श्री के कमरे में जाने को कहा गया। उससे फिर एक घंटे तक महाराज श्री को व्यस्त रखने के लिए कहा गया।
महाराज श्री के सेवक ने उससे जाने के लिए कहा, लेकिन वह बहाने से वहीं रही। उसने आरोपियों के षड्यंत्र के बारे में महाराज को बताया तो महाराज श्री ने तुरंत उसे जाने के लिए कह दिया और सामयिक का समय होने के कारण उससे चुपचाप निकल जाने के लिए कहा। उसके बाद रात लगभग 9 बजे उससे दूसरे कपड़े पहनकर महाराज श्री के कमरा नंबर 101 के बाहर गैलरी में टहलने के लिए कहा और कहा गया कि जब महाराज आते नजर आएं तो 101 नंबर कमरे में जाकर और वहां से निकलकर अपने कमरे 105 में चली जाना। उसने डर के चलते ऐसा ही किया। सुबह वह बस से रुड़की आ गई। तब तक उसे इतने बड़े षड्यंत्र का अहसास नहीं था।
छोटे कपड़े पहनने को दिए गए
युवती ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसे महाराज श्री के कमरे में जाने के लिए अत्यंत ही छोटे कपड़े पहनने को दिए थे। जिसे उसने इंकार भी किया था, लेकिन आरोपियों ने उस पर छोटे कपड़े पहनकर ही महाराज श्री के पास जाने का दबाव बनाया था।
मोबाइल पर मैसेज कर निर्देश देते रहे निर्देश
युवती ने आरोप लगाया कि जब वह वहलना पहुंची तो उससे कहा गया कि गमले के पास एक मोबाइल रखा मिलेगा। उस पर निर्देश दिए जाते रहेंगे। उसे नियत स्थान पर मोबाइल मिला। उसी पर लगातार उसे निर्देश दिए जाते रहे कि कब, क्या करना है। बाद में उससे मोबाइल ले लिया गया।
दस लाख रुपये का दिया गया लालच, इंकार पर पीटा
30 जून को उसे मूलचंद रिसोर्ट में बुलाया गया। जहां दोनों आरोपी और खतौली की ही एक महिला वहां पहुंची। उसे वीडियो दिखाई गई और चेतावनी दी कि जुबान खोली तो वीडियो वायरल कर दी जाएगी। महाराज तो मरेंगे ही, वह भी मरेगी। उसे दस लाख रुपये का लालच भी दिया गया। उसे अनैतिक कार्य के लिए दबाव बनाया गया। उसने इंकार किया तो आरोपी महिला ने उसे पीटा। जिसके बाद वह रुड़की चली गई। तब से 28 जुलाई तक उसे आरोपी ब्लैकमेल करते रहे। जिसके बाद वीडियो वायरल करा दी।
सिर्फ तवज्जो न देने पर रचा षड्यंत्र
युवती ने आरोप लगाया कि वहलना के एक पदाधिकारी ने सिर्फ पंचकल्याणक महात्सव में उसे तवज्जो न दिए जाने के कारण इस प्रकार का षड्यंत्र रचा। उसने आरोपी पर मंदिर की भूमि पर कब्जा करने की मंशा भी होने की बात कही।
अपने परिजनों और समाज के लोगों से खतरा
युवती ने आरोप लगाया कि उसके परिजनों ने उसके अपहरण का आरोप जैन मुनि पर लगाकर बहादराबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई। जब उसे पता चला तो उसने कोर्ट में अपने बयान दर्ज करा दिए। उसके बाद उसके परिजन और जैन समाज के कुछ लोगों से उसे खतरा महसूस होने लगा। जिस कारण वह सभी से दूर रह रही है।