संवाद न्यूज एजेंसी
पुरकाजी। सोलानी नदी में धीरे-धीरे पानी कम होने लगा है। ग्रामीणों को राहत मिली है, लेकिन रास्तों पर पानी भरा हुआ है। पशुओं के लिए चारे की समस्या आ गई है। वहीं ग्रामीणों को कीचड़ भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है।
उत्तराखंड में बारिश के बाद शिवालिक की पहाड़ियों से पानी सोलानी नदी में आया था। गांव भदोला, पांचली, रामनगर, रजगल्लापुर, रतनपुरी व शेरपुर नगला गांवों के रास्तों पर पानी भर जाने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया था। शुक्रवार को पानी शेरपुर नंगला और रतनपुरी में कुछ घरों में भी घुस गया था। इससे घरों में रखा सामान भीग गया था।
शनिवार सुबह धीरे-धीरे पानी कम होने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की। मगर खादर क्षेत्र के कई गांवों के रास्तों का हाल बहुत खराब हो गया है। गांव शेरपुर नंगला व धुमनपुरी और रामनगर के रास्तों में कीचड़ भरा पड़ा है। सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। वहां से न साइकिल और न ही बाइक निकल पा रहे हैं।
-चक्कर काटकर गंतव्य तक पहुंच रहे ग्रामीण
ग्रामीणों को खेतों के रास्ते चक्कर काटकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। राजू प्रजापति, गुलशन कुमार, यादराम प्रजापति, बिजेंद्र सिंह, साधुराम आदि ने बताया कि नदी में करीब 14 फीट पानी होने के कारण ग्रामीण नदी पार नहीं कर पा रहे हैं। वहीं जंगलों में पानी भरा होने के कारण पशुओं के लिए चारे की विकट समस्या बन गई है। ग्रामीणों को नाव में बैठकर नदी पार करनी पड़ रही है। लेखपाल प्रदीप सैनी का कहना है कि नदी में धीरे-धीरे पानी कम होने से हालात सामान्य होते जा रहे हैं। ग्रामीणों को कोई दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
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फसलों का मुआवजा देने की मांग
खादर क्षेत्र के किसान कुलवंत सिंह विर्क, देविंदर खालसा, गुरमीत सिंह, जोगेंद्र सिंह, काका सिंह, बूटा सिंह, ज्ञानी जसविंदर सिंह, राजेंद्र पांचली का कहना है कि धान की फसल खेतों में पानी भर जाने से बर्बाद हो गई है। वहीं ज्वार व गन्ने की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।