मंदसौर कांड और किसानों के उत्पीड़न की घटनाओं के विरोध में राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। रालोद नेताओं ने फर्टिलाइजर को जीएसटी में शामिल करने का विरोध किया। बीजेपी पर किसानों को छलने का आरोप लगाया। राष्ट्रपति के नाम डीएम को एक ज्ञापन भी दिया।
सोमवार को डीएम कार्यालय पर रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी की अध्यक्षता में किसान समस्याओं को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान रालोद एमएलसी मुश्ताक चौधरी ने कहा कि देश में किसानों की दशा बदतर हो गई है। बीजेपी अपना झूठा प्रचार तो करती है, किसानों के दर्द की उसे कोई चिंता नहीं है। मध्य प्रदेश के मंदसौर में अपनी फसलों का उचित मूल्य और कर्जमाफी की मांग करने वाले किसानों पर गोलियां चलाई गई।
महाराष्ट्र में किसान आंदोलन के दौरान सात किसानों द्वारा सरकार की उदासीनता के चलते आत्महत्या करने की घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि बीजेपी को किसानों की कोई चिंता नहीं है। जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने आम चुनाव में वादा किया था कि किसानों के कर्ज माफ होंगे। किसानों को फसलों का उचित दाम दिलाया जाएगा। उनकी समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन तीन सालों में पीएम मोदी ने किसानों के साथ छल के अलावा कुछ नहीं किया है।
सिटी मजिस्ट्रेट मोहम्मद नईम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में फर्टिलाइजर को जीएसटी से मुक्त करने सहित विभिन्न मांगे रखी गई। पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, कंवरपाल फौजी, गौरव मलिक, अमित चौधरी, राजू वाल्मीकि, योगेंद्र सिंह, धर्मेंद्र तोमर, देवेंद्र तोमर, सुधीर भारतीय, बॉबी त्यागी, राजपाल सिंह, इरशाद चौधरी, अभिषेक चौधरी, योगेंद्र शर्मा, रविंद्र पंवार, विकास कादियान आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
लाउडस्पीकर को लेकर खींचतान
मुजफ्फरनगर। धारा 144 लागू होने के कारण कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन के दौरान लाउडस्पीकर के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में जब रालोद नेता किसानों की समस्या पर धरने पर लाउडस्पीकर का प्रयोग करने लगे, तो सुरक्षा में तैनात सीओ सिटी तेजवीर सिंह ने उसे बंद करने के लिए कहा। रालोद नेताओं ने दस मिनट की मोहलत मांगी और लाउडस्पीकर पर भाषण बाजी शुरू कर दी।
फिर सीओ सिटी उनके पास पहुंचे और लाउडस्पीकर को बंद करने की बात कहते हुए उसे उतरवाने की चेतावनी दी। नेताओं ने फिर नरमी दिखाते हुए पांच दस मिनट में बंद करने की बात कहकर सीओ को समझा दिया। इसी प्रकार तीन चार बार सीओ लाउडस्पीकर को बंद कराने की बात कहते रहे। उन्होंने नाराजगी भी जताई, लेकिन रालोद नेता हर बार पांच-दस मिनट की बात करते रहे और अंत में धरना समाप्त हो गया।