मुजफ्फरनगर। अतिरिक्त न्यायालय के पीठासीन अधिकारी सुरेंद्र पाल गोयल ने चेक अनादृत करने के मामले में आरोपी को छह माह का कारावास व बारह लाख के अर्थ दंड से दंडित किया है। इस अर्थ दंड बारह लाख में से दस लाख रुपये बकरा मार्केट निवासी परिवादी महेंद्र आर्य को प्रतिकर के रूप में दिए जाने का आदेश पारित किया है। बाकी दो लाख रुपये जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा करने का निर्णय दिया है।
बताया गया कि 2007 में प्रियंका इंटर नेशनल के प्रोपराइटर दोषी किशोर लाल चुग निवासी मुंबई ने परिवादी को 29 जनवरी 2007 को दस लाख रुपये का चेक दिया था जो परिवादी ने अपने केनरा बैंक की रुड़की रोड शाखा में 31 जनवरी को भुगतान के लिए जमा किया था। 9 फरवरी 2007 को यह चेक पर्याप्त धनराशि न होने के कारण अनादृत हो गया था। इस बारे में परिवादी ने विशेष न्यायालय एनआई कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था। कोर्ट ने इस मामले में उक्त निर्णय सुनाया है।