जिले की आठ में से छह चीनी मिलों ने किसानों का पूर्ण भुगतान कर दिया है। केवल भैसाना और खाईखेड़ी चीनी मिल पर ही किसानों का बकाया है। खाईखेड़ी ने दस मई तक भुगतान करने का वादा किया है। भैसाना की 272 करोड़ की चीनी को प्रशासन ने अपनी देखरेख में ले लिया है। मिल पर 254 करोड़ बकाया है।
लंबे अरसे बाद जिले की छह चीनी मिलों ने सत्र समाप्त होते ही किसानों का भुगतान किया है। सहकारी चीनी मिल मोरना जिले की ऐसी चीनी मिल है, जिसमें पांच मई को पेराई समाप्त हुई और छह मई को समस्त भुगतान कर दिया। खतौली चीनी मिल में किसानों ने सबसे ज्यादा पांच अरब 60 करोड़ का गन्ना डाला।
मिल ने किसानों का समस्त भुगतान कर दिया है। रोहाना चीनी मिल ने समस्त 75 करोड़ 57 लाख का, मंसूरपुर चीनी मिल ने 361 करोड़ का, तितावी ने 372 का, टिकौला ने 323 करोड़ का समस्त भुगतान कर दिया है।
चीनी मिलों में इस समय भैसाना पर 254 करोड़ और खाईखेड़ी पर 17 करोड़ 27 लाख बकाया है। जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि खाईखेड़ी दस मई तक समस्त भुगतान कर देगी। खाईखेड़ी ने 161 करोड़ के गन्ने की पेराई की है, बाकी का समस्त भुगतान वह कर चुकी है।
भैसाना चीनी मिल ने 396 करोड़ की पेराई की, चीनी मिल पर 254 करोड़ बकाया है, स्टॉक में 272 करोड़ की चीनी है। चीनी को विभाग ने अपनी देखरेख में ले लिया है। जो चीनी बिक रही है, उसका पैसा सीधे किसानों के खातों में जा रहा है। भैसाना ने 23 दिसंबर तक का भुगतान किया है। 2009 के बाद यह पहला मौका है, जब जिले के किसानों को गन्ने का समय से भुगतान मिल रहा है।