सईदुज्जमां सहित छह आरोपी कोर्ट में हुए पेश
मुजफ्फरनगर। आठ साल पहले कवाल कांड को लेकर खालापार के शहीद चौक पर हुई सभा में भड़काऊ भाषण देने के मामले में पूर्व सांसद सईदुज्जमां, पूर्व विधायक मौलाना जमील सहित छह आरोपी एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में पेश हुए। पूर्व सांसद कादिर राना सहित चार आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए। जिस कारण अदालत ने चार्ज फ्रेम नहीं किए। अदालत ने चार्ज निर्धारण पर बहस के लिए अंतिम अवसर देते हुए 21 सितंबर की तारीख लगाई है। इसी दिन बहस के उपरांत आरोप तय किए जाएंगे।
आठ साल पहले 27 अगस्त 2013 में कवाल कांड हुआ था। जिसको लेकर 30 अगस्त 2013 को शहर के खालापार स्थित शहीद चौक पर मुस्लिम समाज के लोगों ने सभा की थी। जिसमें राजनेता भी शामिल हुए थे। सभा में भड़काऊ भाषण देने और दंगा भड़काने के आरोप का मुकदमा पुलिस की ओर से शहर कोतवाली में दर्ज किया गया था। जिसमें तत्कालीन बसपा सांसद कादिर राना, तत्कालीन चरथावल विधायक नूरसलीम राना, मीरापुर विधायक मौलाना जमील अहमद कासमी, पूर्व कांग्रेस सांसद व पूर्व गृह राज्यमंत्री सईदुज्जमां, उनके पुत्र सलमान सईद, एडवोकेट असद जमां, सुल्तान मुशीर, अहसान कुरैशी, नौशाद कुरैशी और मुशर्रफ के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने समेत अन्य आरोपों में यह मामला दर्ज हुआ था।
इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे- 4 की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में चल रही है। मुकदमे में शुक्रवार को आरोप निर्धारण पर बहस होनी थी। शुक्रवार को पूर्व सांसद सईदुज्जमां, पूर्व विधायक मौलाना जमील, असद जमा, सुल्तान मुशीर, मुशर्रफ कुरैशी, एहसान कुरैशी कोर्ट में पेश हुए, जबकि पूर्व सांसद कादिर राना, पूर्व विधायक नूरसलीम राना, सलमान सईद और नौशाद कुरैशी कोर्ट में पेश नहीं हुए।
उनके अधिवक्ता की ओर से हाजरी माफी का प्रार्थनापत्र दिया गया। विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि सभी आरोपी पेश नहीं होने के कारण चार्ज पर बहस नहीं हो सकी। अदालत ने चार्ज निर्धारण पर बहस के लिए सभी को अंतिम अवसर दिया है। अब चार्ज निर्धारण के लिए 21 सितंबर की तारीख लगाई है। अदालत ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए है।