जानसठ में भैया दूज के पर्व पर भाइयों को तिलक करतीं बहनें। स्रोतः स्वयं
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मुजफ्फरनगर। बहन-भाई के प्रेम का प्रतीक भैया दूज हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाई के माथे पर मंगल तिलक कर सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना की। घरों में रौनक रही। बाजारों में खील बताशे और मिठाई की खरीदारी हुई।
धनतेरस के साथ शुरू हुआ पंचपर्व महोत्सव भैयादूज के साथ संपन्न हुआ। भाई दूज भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए प्रार्थना करती हैं। शुभ मुहूर्त में बहनों ने भाइयों के माथे पर टीका लगाया, आरती उतारी, और उन्हें मिठाई खिलाई। त्योहार के मौके पर शहर के मुख्य बाजारों समेत गली मोहल्लों की दुकानों पर काफी भीड़ रही। शहर के भगत सिंह रोड, गांधी कॉलानी और झांसी रानी स्थित दुकानों पर रेडीमेड कपड़ों की बिक्री हुई। बहनों ने भाइयों के लिए और भाइयों ने बहनों के लिए उपहार खरीदें।
महंत जगमोहन भारद्वाज ने बताया कि दोपहर एक बजे से 03.28 बजे तक शुभ मुहूर्त में बहनों ने भाइयों को तिलक कर उनकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना की।
बहनों ने भाइयों के लिए की मंगल कामना
चरथावल। भैया दूज का त्योहार पारंपरिक तरीके से मनाया गया। बहनों के घर पहुंचकर भाइयों ने मंगल तिलक कराया। उपहार दिए। बहनों ने शगुन के रूप में श्रीफल प्रदान किया। चरथावल-मुजफ्फरनगर, रोहाना और थानाभवन मार्ग पर वाहनों का कारवां देखने को मिला। बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ रही। चरथावल बस स्टैंड पर कई बार जाम लगा। मुजफ्फरनगर में काली नदी के निकट लंबा जाम नजर आया। संवाद
जेल में 600 बहनों ने किया भाइयों को तिलक
मुजफ्फरनगर। जिला जेल में 600 बहनों ने जेल में बंद भाइयों को भैया दूज पर्व पर तिलक कर अपराध जगत छोडने का संकल्प दिलाया। नौ महिला बंदियों ने जेल में बंद अपने भाइयों को तिलक किया। जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी ने बताया कि सुबह से ही बहनें जेल में बंद भाइयों को तिलक करने के लिए जेल पर पहुंचना शुरू हो गई थी। दोपहर में नियमानुसार जेल प्रशासन ने उनकी मुलाकात भाइयों से कराई। संवाद