श्रीगुरु सिंह सभा ने गुरुनानक देव जी के अवतार पर्व पर शहर में नगर कीर्तन का आयोजन किया। पूरे शहर के तोरणद्वारों से सजाया गया। पंच प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नगर कीर्तन गांधी कालोनी गुरुद्वारा से प्रारंभ होकर लिंक मार्ग, भोपा रोड अंसारी रोड, नावल्टी चौक, शिव मूर्ति, झांसी रानी चौक होता हुआ गुरुद्वारा रोडवेज पर जाकर सम्पन्न हुआ।
नगर कीर्तन में कई बैंड, तलवारबाजी आकर्षण का केंद्र रही। गुरु गोविंद सिंह पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा गुरुवाणी का सुंदर गुणगान किया गया। गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी के आगे संगतों के द्वारा जल छिड़काव कर और झाडू लगाकर अपनी श्रद्धा को प्रकट किया गया। संगतें नगर कीर्तन के गुजर जाने के बाद लंगर के प्लेट और अन्य कूड़ा करकट भी साथ-साथ साफ करते हुए चल रही थी, जिसने सभी का मन मोह लिया।
निहंग सिंघों का जत्था गुरू ग्रंथ साहिब की पालकी के साथ चल रहा था। नगर कीर्तन के लिए रास्ते में लंगर के स्टाल लगाकर सेवा भी की गई। शहर को तोरण द्वारों से सजाया गया था। श्री गुरु सिंह सभा के महासचिव विरेंद्र सिंह हनी सेखों ने बताया कि मुख्य पर्व चार नवंबर को गुरुद्वारा रोडवेज पर सवेरे नौ बजे से होगा, इसमें दीवान सजाया जाएगा। पटियाला से आ रहे रागी ज्ञानी हरजिंदर और ज्ञानी जोगा सिंह गुरु नानक देव के इतिहास का वर्णन करेंगे।
नगर कीर्तन में मुख्य रूप से गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष सुखदर्शन सिंह बेदी, अमरजीत सिंह सिडाना, वजीर सिंह राजा, सुरजीत सिंह, प्रभजोत सिंह, तरजिंदर सिंह, जितेंद्र पाल सिंह, दिवप्रीत सिंह, ज्ञानी अमरजीत सिंह, गुरनाम सिंह, त्रिलोचन सिंह मान, धनप्रीत सिंह चन्नी बेदी, वजीर सिंह ग्रोवर, इन्द्रजीत सिंह सेखो, देवेंद्र सिंह नागपाल, सुखमन्दर सिंह, डॉ उजागर सिंह सलूजा आदि शामिल रहे।