मोरना। कार्तिक गंगा मेले का वैदिक मंत्रोचारण के बीच गंगा आरती के साथ शनिवार को शुभारंभ हो गया। मेले में आए श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर प्राचीन वट वृक्ष की परिक्रमा की। संतों को तिलक लगाकर पूजन कर दान दक्षिणा देकर आशीर्वाद प्राप्त किया। मेले में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
तीर्थ नगरी शुकतीर्थ कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेले का शुभारंभ पर जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल तोमर, अर्जुन तोमर, अपर मुख्य अधिकारी नूतन शर्मा, जिला पंचायत सदस्य पुत्र अमित राठी ने संयुक्त रूप से आरती की। इससे पूर्व भागवत पीठ शुकदेव आश्रम की यज्ञशाला में पुरोहितों, विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रोचारण के बीच पूजा अर्चना कराकर संपन्न कराई। इसके बाद बैंडबाजों के साथ गंगा घाट पर गंगा आरती कर अतिथियों ने मेला परिसर का उद्घाटन किया। स्कूली बच्चों ने सुंदर रंगोली बनाकर सबका मन मोह लिया। मौके पर डॉ. वीरपाल निर्वाल, जिला पंचायत सदस्य नजर सिंह, संजय राठी, हरेंद्र शर्मा, फुकरान प्रधान, विवेक चौधरी, हरीश राठी, ज्ञानेंद्र कुमार, प्रधान सुशील कुमार, महकार सिंह, विनोद चेयरमैन आदि मौजूद रहे। वहीं राजस्थान र्से आइं महिलाएं धार्मिक यात्रा को अपने मोबाइल से वीडियो बनाकर यादों को संजोते हुए दिखीं। राजस्थान के जिला जोधपुर से आई 18 वर्षीय रिया अपनी दादी को शुकदेव आश्रम में स्थित प्राचीन वट वृक्ष की परिक्रमा कराते हुए दिखाई दी। रिया ने बताया कि वह 12वीं कक्षा की छात्रा है और भारतीय संस्कृति, धर्म की आस्था की वजह से यहां अपनी दादी को तीर्थ यात्रा कराने में सहयोग करने के लिए आई हुई हैं।
‘यज्ञ, दान और तपस्या मनुष्य को कर देती है पवित्र’
मोरना। गुरुकुल आश्रम में आयोजित 55वें वार्षिक महोत्सव में पधारे मुख्य अतिथि स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि यज्ञ, दान, तपस्या मनुष्य को पवित्र कर देती है।
कार्यक्रम में ओमानंद महाराज ने कहा कि यज्ञ का हमारे जीवन में बड़ा महत्व है। दान यथाशक्ति इच्छा अनुसार अवश्य करें, हमारी भारतीय संस्कृति के लिए यज्ञ मूल आधार है। सभी के उपदेश हमारे लिए वंदनीय है, गुरुकुल आश्रम शुकतीर्थ का गौरव है। यहां के विद्यार्थी ब्रह्मचारी, खेल शिक्षा के माध्यम से अच्छा प्रदर्शन कर भारतीय संस्कृति परंपराओं को जीवित रखने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। गुरुकुल आर्य समाज की उच्च कोटि संस्था है। जीवन को समस्त जगत के कल्याण के लिए लगाएं। परोपकार से बड़ा कोई पुण्य नहीं और दूसरे को पीड़ा पहुंचाने से बड़ा कोई पाप नहीं। हमें समस्त प्राणियों के लिए भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए। इससे पूर्व वेदपाठी हद्रांश, मनोकांत, विजयवीर, सिद्धार्थ, कमलकांत आदि आचार्यों ने यज्ञशाली की वेदि में पूर्ण आहुति संपन्न कराई। संचालन प्राचार्य प्रेम शंकर मिश्रा ने और अध्यक्षता आनंद वेश महाराज ने की। विशिष्ठ अतिथि पूर्व प्राचार्य इंद्रपाल राणा के सान्निध्य में गुरुकुल के विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा में स्वागत गान प्रस्तुत किया। श्रीकृष्ण आर्य व हरबीर रायल ने मुख्य यज्ञमान की भूमिका निभाई। कार्यक्रम के आयोजन में मोनिका, अरुण, विकास राठी, सोमवीर, राणा सिंह, वैभव गर्ग आदि व्यवस्था आदि रहे।
पुलिस ने हुड़दंगियों को लाठीचार्ज कर दौड़ाया
मेले में शुक्रवार देर रात जाट धर्मशाला के निकट हुड़दंगियों के द्वारा महिला श्रद्धालुओं से छेड़छाड़ करने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सीओ भोपा, मेला इंचार्ज यशपाल सिंह, पुलिस चौकी प्रभारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने उनको समझाने की बात की, तो वे पुलिस से अभद्रता करने पर उतारू हो गए। जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर हुड़दंगियों को दौड़ा दिया। इसके अलावा पुलिस ने गंगा घाट और मेला बाजार में गश्त करते हुए उपद्रव मचा रहे लोगों की जमकर खबर ली।