भागवत का शोध केंद्र है शुकतीर्थ : अचल शास्त्री
मोरना। भागवत पीठ शुकदेव आश्रम, शुकतीर्थ के डोंगरे जी भागवत भवन में पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज के पावन सानिध्य में डेन्सो इंडिया परिवार, ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर के सदस्यों का तीसरा प्रकल्प भागवत कथा के रूप में यज्ञ की पूर्ण आहुति के साथ विश्राम हो गया। कथाव्यास अचल कृष्ण शास्त्री ने अमृत वर्षा करते हुए कहा कि शुकतीर्थ भागवत का शोध केंद्र एवं प्रकाशक है।
कथा में कथाव्यास अचल कृष्ण शास्त्री ने सुदामा चरित्र, यदुवंश संहार, दत्तात्रेय जी के चौबीस गुरुओं एवं परीक्षित मोक्ष की पावन कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि परम हंस चूड़ामणि, भगवान शुकदेव ने राजा परीक्षित को माध्यम बनाकर संसार के कल्याणार्थ शुकतीर्थ में भागवत प्रकाशित की। शुकतीर्थ में तबसे अब तक निरंतर भागवत कथाओं की धारा प्रवाहित होती आ रही है। शुकतीर्थ भागवत का शोध केंद्र एवं प्रकाशक है। मानव के कल्याण का सबसे बड़ा स्थान शुकतीर्थ है, जहां से मनुष्य के हृदय में आध्यात्म का दीप प्रज्वलित होता है। शिक्षाऋषि स्वामी कल्याणदेव ने इस तीर्थ का जीर्णोद्धार कर संपूर्ण मानव जाति को एक उपहार तथा वरदान दिया है। शुकतीर्थ भगवान शुकदेव जी की आध्यात्मिक पाठशाला है। मनुष्य के कल्याण का सर्वोत्तम धर्म सेवा भाव एवं परमार्थ है। शुकदेव अन्न क्षेत्र में डेन्सो इंडिया परिवार, ग्रेटर नोएडा के सदस्यों द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भोजन प्रसाद एवं दक्षिणा वितरित की गई। इस अवसर पर प्रवीण भारद्वाज, नाथीराम, ओमप्रकाश भाटी, शिवचरण, पुष्पेंद्र कौशिक, अजीत सिंह, बाग सिंह, सतीश सक्सेना, संजय मिश्रा, कृपाशंकर, विजेंद्र गुप्ता, राजकुमार धाकरे आदि डेन्सो इंडिया परिवार के सदस्य मौजूद रहे।