शाहपुर के राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में छात्रों के बाल काटे जाने व छात्राओं से बदसलूकी का मामला तूल पकड़ने लगा है। सोमवार को रालोद छात्र इकाई समेत अन्य संगठनों ने प्रबंध समिति के पदाधिकारी व कॉलेज प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। शाहपुर के राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में कुछ दिन पूर्व अनुशासन के नाम पर कई छात्रों के बाल जबरन काट दिए गए थे।
आरोप है कि छात्राओं के साथ भी बदसलूकी की गई और शिकायत पर पहुंचे अभिभावकों के संबंध में भी प्रार्थना के समय अभद्र टिप्पणी की गई। इसके विरोध में शनिवार को गुस्साए छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों ने कॉलेज प्रबंध समिति के प्रबंधक राहुल कुटबी व प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कॉलेज गेट पर जाम लगाते हुए धरना-प्रदर्शन किया था। घंटों बाद पुलिस ने हलका बल प्रयोग कर जाम खुलवा दिया था।
मामले में सोमवार को रालोद छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष पराग चौधरी, संदीप बालियान, अंकित सहरावत व सुमित मलिक के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचकर धरना प्रदर्शन करते हुए प्रबंधक व प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, दलित संगठन के कार्यकर्ताओं ने भी भीम आर्मी पदाधिकारियों आदित्य चौधरी, अमित शिवाजी, अंजेश कुमार व विक्रम के नेतृत्व में मारपीट से घायल व जबरन मुंडन कराए गए छात्र-छात्राओं को साथ लेकर प्रदर्शन किया। वहीं, अफसरों ने मामले में जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सोमवार को इंटर कॉलेज में काफी कम पहुंचे छात्र-छात्राएं
शाहपुर। राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में दो दिन पूर्व कॉलेज समिति के अध्यक्ष व प्रधानाचार्य पर जबरन बाल काटने का आरोप लगाते हुए छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के सामने जाम लगाकर जबरदस्त हंगामा किया था। छात्र-छात्राओं ने अध्यक्ष व प्रधानाचार्य पर बदसलूकी करने का भी आरोप लगाते हुए अफसरों से उन्हें हटाने की मांग की थी। एसपी देहात आलोक शर्मा व एसडीएम बुढ़ाना कुमार भूपेंद्र के समझाने पर भी जाम नहीं खोलने पर पुलिस ने छात्र-छात्राओं को लाठियां फटकारकर तितर-बितर करते हुए जाम खुलवा दिया था।
रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को कॉलेज में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति काफी कम रही। उधर, कॉलेज में हंगामे की फर्जी सूचना पर भारी फोर्स कॉलेज पहुंच गया, जिसे ऐहतियातन कॉलेज के बाहर तैनात कर दिया गया। हालांकि सोमवार को कॉलेज रोजमर्रा की तरह ही खुला, लेकिन छात्र-छात्राएं काफी कम संख्या में कॉलेज पहुंचे।