श्रावण में बंद रहेंगे शिवालय
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा के बाद अब सोमवार से शुरू होने जा रहे श्रावण मास पर भी कोरोना का ग्रहण लग गया है। कोरोना से बचाव के लिए शहर और जिले के प्रसिद्ध शिवालयों के पुजारियों ने घरों मेें ही जलाभिषेक करने का आह्वान किया है। सावन में सोमवार को भी प्रसिद्ध शिवालय और अन्य मंदिर बंद रहेंगे। भीड़ की आशंका के चलते शिवरात्रि पर भी मंदिर बंद रह सकते है।
यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा के अधिकारी इस बार कांवड़ यात्रा बंद रखने का निर्णय ले चुके हैं। सोमवार सावन शुरू होने जा रहा है। इस बार श्रावण माह में पांच सोमवार आएंगे। सावन के सोमवार प्रत्येक सोमवार को लोग शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करते है। कोविड-19 को लेकर पुजारियों ने घरों में शिवलिंग की स्थापना कर पूजा और जलाभिषेक का आह्वान किया है।
शिव मूर्ति संचालक मंडल के अध्यक्ष शंकर स्वरूप ने बताया कि दो दिन बाद इस संबंध में संचालक मंडल की बैठक होगी। साथ ही प्रशासन का जो निर्णय होगा, उसी का पालन किया जाएगा। पुजारियों ने भी सोशल मीडिया पर अपनी वीडियो डाली है। संभलहेड़ा के पंचमुखी महादेव मंदिर के पुजारी ने कहा कि श्रद्धालु घरों में ही पूजा करें। ज्ञानेश्वर मंदिर जानसठ के पुजारी आचार्य नीरज, गांधी कालोनी मंदिर के पुजारी रामकृष्ण शास्त्री, श्रीबालाजी धाम मंदिर के अध्यक्ष घनश्यामदास शर्मा ने भी घरों में ही पूजा और जलाभिषेक करने की अपील की है।
इन स्थानों पर होता है जलाभिषेक
शहर में शिव मूर्ति, बोहरों का मंदिर, गांधी कालोनी मंदिर, नई मंडी मंदिर, बालाजीधाम, गणेशधाम, नदी रोड मंदिर, शुकतीर्थ, फिरोजपुर मंदिर, संभलहेड़ा पंचमुखी मंदिर, सांझक का शिवालय, खतौली में झारखंड शिवालय, थानेश्वर मंदिर, नागेश्वर मंदिर, ताराचंद शिवालय, जानसठ का ज्ञानेश्वर महादेव पर अधिक जलाभिषेक होता है।
- कांवड़ यात्रा के खर्च को गरीबों, वृद्धजनों की सेवा में लगाए- ओमानंद
शुकतीर्थ/मोरना। पौराणिक शुकतीर्थ में भागवत पीठ शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि कोरोना के कारण जीवन की सुरक्षा के लिए कांवड़ यात्रा अनुष्ठान स्थगित रखें। श्रावण मास में व्रत रखकर भोलेनाथ की आराधना करें। कांवड़ यात्रा का खर्च गरीबों, जरूरतमंदों और वृद्धजनों की सेवा में लगाए।
हनुमतधाम के संचालक महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद महाराज ने कहा कि सावन शिव तत्व में रम जाने का माह है। कष्टों में भी भोले के करोड़ों भक्त कांवड़ यात्रा का संकल्प पूरा करते रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए घरों पर भगवान शिव की उपासना करें।