मोरना/चरथावल/खतौली। शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। घाट के पंडों और मंदिरों के पुजारियों से भगवान सत्यनारायण कथा को सुना और वट वृक्ष की परिक्रमा कर मन्नत का धागा बांधा।
पौराणिक धर्मनगरी शुक्रताल में मुख्य गंगा घाट पर दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने गंगा में शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर आस्था भाव से स्नान किया। वहीं गंगा घाट के पंडों ने श्रद्धालुओं से मंत्रोच्चरण के बीच पूजा अर्चना कराकर दान कराया।
शुकदेव आश्रम के प्राचीन वट वृक्ष कर परिक्रमा कर अपने परिवार की खुशहाली व शांति को लेकर मन्नत मांगी। वही सप्त ऋषि भगवान श्रीकृष्ण मंदिर के प्रांगण में पुजारियों ने श्रद्धालुओं को भगवान सत नारायण की कथा सुनाई।
दंडी आश्रम, हनुमान धाम, गणेश धाम, शिवधाम, दुर्गाधाम, पीतांबराधाम, सिद्धपीठ आश्रम, शनिधाम, गोडिया मठ, मानव निर्माण आश्रम, माता पूर्णागिरी धाम, रविदास आश्रम, रामानुज कोटि तिलकधारी आश्रम आदि में श्रद्धालुओं ने मंदिरों के दर्शन किए और स्वामी ओमानंद महाराज, स्वामी गुरुदत्त महाराज, स्वामी केश्वानंद महाराज, स्वामी वेददास महाराज, स्वामी कुलभूषण महाराज, स्वामी भक्ति भूषण दंछी आश्रम महाराज, स्वामी महेश्वर आश्रम महाराज, स्वामी गीतानंद महाराज, स्वामी महानंद महाराज, वैध जगपाल आदि से आशीर्वाद लेकर आश्रमों और धर्मशालाओं में चल रहे सत्संग में भाग लेकर धर्म लाभ कमाया।