संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शहर के अधिकतर कांवड़िया शिव चौक के आसपास शिविरों में ठहरे हुए हैं। वह पहले शिव चौक पर जल चढ़ाकर फिर अपने गांवों और घर की ओर बढ़ेंगे। इनमें बड़ी संख्या में महिला कांवड़िया भी हैं। महिलाओं ने कहा कि मन्नत के लिए कांवड़ उठाई थी। कोई पोते के लिए कांवड़ लेकर आई तो किसी ने बेटे की शादी के लिए कांवड़ उठाई।
सनातन धर्म मार्केट में ठहरी हुई संजू सैनी ने बताया कि वह पिछले नौ साल से कांवड़ यात्रा कर रही हैं। इस बार उनका बेटा भी साथ आया है। शिविर में ही विश्राम करेंगे। इसके बाद भोले बाबा को जलाभिषेक कर गांधी कॉलोनी स्थित घर जाएंगी। अलमासपुर की रहने वाली मुनेश ने बताया कि ब्रह्ममुहर्त में जलाभिषेक करने के बाद घर जाएंगे। उन्होंने बताया कि पोते की कामना के लिए कांवड़ ले जाने की मन्नत मांगी थी। अब पोता लक्ष्य छह साल का हो गया है, उसके साथ ही कांवड़ यात्रा की है। अगले बरस भी कांवड़ लेकर जाएंगी। इससे जोड़ा पूरा हो जाएगा।
बुढ़ाना मोड़ के शिविर में ठहरी शांति ने कहा कि वह बेटे की शादी के लिए कांवड़ लेकर आई हैं। भगवान शिव उनकी मनोकामना जरूर पूरी करेंगे। सांझक मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद अपने घर लौटेंगी।