मुठभेड़ में मारा गया शाहरुख पठान और उससे बरामद असलहा।
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मुजफ्फरनगर में मेरठ एसटीएफ ने गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी जीवा और माफिया डॉन मुख्तार अंसारी गिरोह के शूटर शाहरुख पठान को मुठभेड़ में मार गिराया। शाहरुख ने पुलिस पर 10 से ज्यादा राउंड फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में वह मारा गया। एसटीएफ ने मौके से तीन पिस्टल, 60 से ज़्यादा कारतूस और एक कार बरामद की है।
मुठभेड़ स्थल और जमीन पर पड़ा असलहा।
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साल 2015 में मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर पुलिस कस्टडी में आसिफजादा नाम के व्यक्ति की हत्या में शाहरुख पठान पुत्र जरीफ का नाम सामने आया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल में रहने के दौरान वह संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी के संपर्क में आ गया।
एनकाउंटर का घटनास्थल।
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कुछ दिन जेल में रहने के बाद वह सिविल लाइन मुजफ्फरनगर से साल 2016 में फरार हो गया था। इसके बाद वह संजीव जीवा के लिए काम करने लगा। फरारी के दौरान जीवा के कहने पर साल 2017 में उसने हरिद्वार में कंबल व्यापारी गोल्डी की हत्या कर दी थी। 2017 में ही उसने आसिफजादा मर्डर के गवाह उसके पिता की मुजफ्फरनगर में हत्या कर दी थी।
इसके बाद शाहरुख पठान पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, तो वह सरेंडर होकर जेल चला गया था। इसी बीच गोल्डी मर्डर केस में उसे संजीव जीवा के साथ उम्रक़ैद की सजा हो गई थी। वर्तमान में शाहरुख जमानत पर चल रहा था। करीब छह माह पूर्व जमानत पर आने के बाद उसने हत्या के मुकदमों के गवाही देने वालों को धमकाया और मारने का प्रयास किया। इसका मुकदमा पंजीकृत किया गया था, जिसमें वह वांछित चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। सोमवार को एसटीएफ से मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई।
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