चरथावल(मुजफ्फरनगर)। दधेडू कलां के पूर्व प्रधान उस्मान के पुत्र बीडीसी शाह नजर को दिल्ली के बटला हाउस के पते पर फर्जी पासपोर्ट बनवाने के आरोप में अदालत ने अग्रिम जमानत नहीं मिली। आरोपी के खिलाफ कुख्यात विक्की त्यागी हत्याकांड समेत 10 आपराधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। पासपोर्ट बनवाकर आरोपी सऊदी अरब भी यात्रा कर चुका है। प्रभारी सेशन न्यायाधीश गरिमा सिंह ने सुनवाई की।
चरथावल थाने में दधेडू कलां के शाहिद त्यागी ने पांच मई को प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि आरोपी एक कुख्यात अपराधी है और गैंगस्टर का आरोपी रह चुका है। आरोपी ने आपराधिक इतिहास छिपाकर पता बदलकर दिल्ली के बटला हाउस के पते पर पासपोर्ट बनवा लिया। इस पासपोर्ट पर वह 27 और 28 फरवरी को सऊदी अरब में यात्रा कर चुका है।
दिल्ली के जामिया नगर थाना अंतर्गत पते पर आरोपी का पासपोर्ट बना। जबकि आरोपी का मूल पता चरथावल थाने का गांव दधेडू कलां है। वादी ने पुलिस को बताया कि पासपोर्ट जब्त किया जाना जरूरी है, ताकि वह विदेश में नहीं भाग सके।
पासपोर्ट अधिनियम के प्रावधानों के तहत आपराधिक इतिहास वाला व्यक्ति को संबंधित अदालत से अनुमति के बिना पासपोर्ट जारी नहीं हो सकता। पुलिस दौरान विवेचना वादी का बयान दर्ज किया। अभियोजन पक्ष ने तीन थानों में दर्ज 10 मुकदमों की सूची न्यायालय में दाखिल की। बचाव पक्ष की ओर से अदालत में तर्क दिया कि आरोपी वर्तमान में बीडीसी सदस्य है और पिछले जिला पंचायत सदस्य के पद पर चुनाव में धांधली करने 100 मतों से हरा दिया गया था। उन्हें रंजिशन फंसाया गया है।
पीठासीन अधिकारी गरिमा सिंह ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद निर्णय में कहा कि आरोपी को अग्रिम जमानत देने का संरक्षण प्रदान करना न तो न्यायोचित है और न पीड़ित की सुरक्षा की दृष्टि से उचित प्रतीत होता है। जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।
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पांच महीने में भी पुलिस पकड़ से दूर
चरथावल थाने के चर्चित विक्की त्यागी हत्याकांड के आरोपी शाह नजर को करीब सालभर जेल में रहने के बाद वर्ष 2019 में हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इसके खिलाफ पांच मई को फर्जी पासपोर्ट बनवाने का मामला दर्ज हुआ। पांच महीने बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। जेल से बचने के लिए आरोपी ने एफआईआर खारिज कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुके है, जो लंबित है। लेकिन चरथावल पुलिस गिरफ्तार करने में नाकाम है।