पुलिस ने बताया कि मंगलवार को मेरठ कोर्ट में सुनवाई हुई। बी वारंट मिल गया है। बीएनएस की धाराओं में आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।वहीं, पूर्व विधायक शाहनवाज राना के बाद अब उनके कारोबारी बेटे व कंपनी के तीन डायरेक्टरों के खिलाफ धोखाधडी, अमानत में खयानत की धाराओं मुकदमा दर्ज कराया गया है।
सहायक आयुक्त राज्य कर खंड आठ प्रदुम्मन चौधरी ने सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जंबूदीप एक्सपोर्ट एड इंपोर्ट लिमिटेड मेरठ रोड के जीएसटी नंबर के विरुद्ध प्राप्त इनपुट के आधार पर कंपनी की जांच 2018-19 में राज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा ने की थी। कंपनी की ओर से जो प्रपत्र प्रस्तुत किए गए, उनमें फर्जी कागजात मिले।
न्यू यूपी उत्तराचंल टीपीटी कंपनी रामपुर चुंगी रुड़की, अयान रोड लाइंस राना चौक, हरियाणा महाराष्ट्र फ्रेट कैरियर कैथल हरियाणा, बरकत धर्मकांटा मेरठ रोड की बिल्टी फर्जी पेश की गई। इन संस्थानों का कोई अस्तित्व नहीं पाया गया। वेदांशु रोड कैरियर औद्योगिक क्षेत्र गाजियाबाद की बिल्टी असत्यापित पाई गई।
इसके अतिरिक्त कंपनी पर 27 करोड़ दो लाख 47 हजार 588 रुपये बकाया था। जिसे कंपनी ने जमा नहीं कराया। कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों से आईटीसी क्लेम किया। सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाने के लिए फर्जी बिल्टियां तैयार की गई है। इसी आधार पर सर्व जंबूदीप एक्सपोर्ट कंपनी, कंपनी के डायरेक्टर कामरान राना, शाह आजम राना, जिया अब्बास जैदी और तौसिफ कुरैशी को आरोपी बनाया गया है।
एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने साक्ष्यों का संकलन शुरू कर दिया। अभी जांच चल रही है। जांच में और भी जो नाम प्रकाश मों आएंगे।