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डेयरियों से निकले गोबर से अट रही सीवर लाइन

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डेयरियों से निकले गोबर से अट रही सीवर लाइन
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मुजफ्फरनगर। शहर के भीतर संचालित डेयरियां ड्रेनेज सिस्टम के लिए मुसीबत बन गई हैं। संचालक नालियों के साथ ही सीवर लाइन में भी पशुओं को गोबर भर देते हैं। इससे हाल ही में बिछाई गई सीवर लाइन गोबर से अट गई। नगर पालिका के अधिकारी हर बार प्रयास करते हैं, लेकिन डेयरियों का संचालन शहर के भीतर ही जारी रहता है। इस बार भी 26 डेयरियों के शहर से बाहर निकलने की कवायद शुरू हुई है।
नगर के ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए अमृत योजना के तहत सीवर लाइन बिछाई गई है। नगर के पश्चिमी जोन में बनाई गई इस परियोजना की लागत करीब 32 करोड़ रुपये है। परियोजना में 9400 मीटर बंद सीवर लाइन को खोला गया तथा दस किलोमीटर क्षतिग्रस्त पाइपों को बदला भी गया। वर्तमान में लगभग 4700 घरों को सीवर लाइन से कनेक्ट कर दिया गया है, लेकिन कनेक्शन होते ही सीवर लाइन ओवरफ्लो होने लगी थी। जल निगम ने इसकी जांच कराई। पुरानी घास मंडी, लद्दावाला, साकेत, रामपुरी, नावल्टी चौक पर जल निगम ने सफाई कराई तो यह गोबर से भरी हुई मिली। मोहल्लों में संचालित डेयरियों से पशुओं का गोबर सीवर लाइन पानी के साथ बहाकर सीवर लाइन में डाला जा रहा था। इसके साथ ही नालो में भी गोबर भरा रहता है। डेयरियों से निकलने वाला सारा कूड़ा नालियों में बहा दिया जाता है। इससे पनपी गंदगी से जहां बीमारियां फैलने का डर रहता है। वहीं, पूरा ड्रेनेज सिस्टम ठप हो रहा है। नगर क्षेत्र में करीब 150 डेयरियां संचालित हैं। नगर पालिका इन्हें शहर से बाहर करने के लिए प्रयासरत है। फिलहाल 26 डेयरियों को नोटिस जारी किया गया है जबकि अन्य के वाद विचाराधीन हैं।
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सीवर लाइन में भरी जा रही पॉलिथीन और कूड़ा
मुजफ्फरनगर। डेयरियों से पशुओं के गोबर के अतिरिक्त पॉलिथीन, घरों से किचन आदि का कूड़ा भी सीवर लाइन में डाला जा रहा है। यह गंदगी सीवर लाइन में जमा होकर इसे चोक कर रही है। लोगों ने अपने घर से निकलने वाला सारा पानी सीवर लाइन में डालना शुरू कर दिया। छतों से बारिश का पानी भी सीवर लाइन में डाल दिया गया है। गोबर एवं कूड़ा जमा हो जाने तथा बारिश का पानी सीधे सीवर लाइन में डाल दिए जाने से बारिश के दौरान सीवर लाइन का पानी मेनहॉल से ओवरफ्लो होकर निकलने लगा था। जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि सीवर लाइन की तीन बार सफाई कराई जा चुकी है।
इन्होंने कहा...
जल निगम के अधिशासी अभियंता राजीव त्यागी का कहना है कि सीवर लाइन में किचन आदि का पानी डाला जाता है, लेकिन डेयरी संचालक इसमें पशुओं का गोबर भी बहाने लगे हैं। बरसात का पानी भी डाला जा रहा है। सीवर लाइन में कूड़ा, गोबर, किचन से निकलने वाला कूड़ा तथा बरसात का पानी आदि न डालें।
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नगर के भीतर संचालित डेयरियों को बाहर करने की प्रक्रिया चल रही है। 26 डेयरी संचालकों को सात दिन का समय दिया गया है। अन्य पर भी कार्रवाई की जाएगी। - डा. आरएस राठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर पालिका।
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