सात करोड़ से 8023 मरीजों को मिला आयुष्मान योजना में उपचार
मुजफ्फरनगर। जिले में आयुष्मान योजना में 8023 मरीजों पर सरकार ने सात करोड़ रुपये खर्च कर उपचार कराया है। इनमें 1723 मरीज ऐसे हैं जिनका आयुष्मान योजना में एम्स, पीजीआई और अन्य हायर सेंटर में उपचार हुआ है। जिले में 11 सरकारी और 14 निजी हॉस्पिटल में आयुष्मान के अंतर्गत उपचार मिल रहा है।
जिले में 23 सितंबर 2018 से शुरू हुई भारत सरकार की आयुष्मान योजना गरीब परिवारों के बीमारों के लिए जीवन दायिनी बन गई है। इस योजना में लाभार्थियों का चयन 2011 की आर्थिक, सामाजिक, जातीय जनगणना में पात्रता के आधार पर हो रहा है। जनपद में अब तक 82 हजार 948 परिवारों के चार लाख 14 हजार 740 लोगों को योजना में पंजीकृत किया गया है। हाल ही में चलाए गए अभियान में इस योजना में एक लाख 41 हजार 659 लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। गोल्डन कार्ड बनाने में प्रदेश में जिले को दूसरी रैंक मिली है। आयुष्मान योजना के जिले के डिप्टी कोआर्डिनेटर डॉ. आकाश त्यागी ने बताया कि जनपद में अब तक 8023 बीमार लोग इस योजना में अपना उपचार करा चुके हैं। 1723 लोगों ने गंभीर बीमारियों का एम्स और पीजीआई जैसे संस्थानों में उपचार कराया है। इन मरीजों के उपचार पर सरकार का सात करोड़ खर्च हुआ है।
हड्डी का कोई डॉक्टर नहीं
आयुष्मान योजना में जिले में सबसे बड़ी समस्या हड्डी रोग से जुड़े चिकित्सक को लेकर है। शुरू में योजना में डॉ. मुकेश जैन जुड़े थे लेकिन बाद में वह इससे हट गए। अब जिले का कोई हड्डी का डॉक्टर योजना में पंजीकृत नहीं है।
11 सरकारी हॉस्पिटल में उपचार
जिला पुरुष चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय को योजना में शामिल किया गया है। इसके साथ ही खतौली, शाहपुर, बुढ़ाना, चरथावल, पुरकाजी, जानसठ सीएचसी, मोरना, मखियाली, बघरा पीएचसी को योजना में शामिल किया गया है।
14 निजी हॉस्पिटल में उपचार
आयुष्मान योजना में जिले के अब तक 14 निजी हॉस्पिटल शामिल हुए हैं। इनमें मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज, शांति मदन हॉस्पिटल, कुशवाहा आई हॉस्पिटल, लूथरा आई हॉस्पिटल, आईक्यू हॉस्पिटल, हार्ट एंड इमरजेंसी सेंटर, देवेंद्र सैनी केयर पार्टनर हॉस्पिटल खतौली, रतनसिंह हॉस्पिटल, निर्वाल हॉस्पिटल, गंगाराम हॉस्पिटल, नेहरू आई हॉस्पिटल, तनेजा हॉस्पिटल, रामादेवी आई हॉस्पिटल, आरोग्य हॉस्पिटल चरथावल में इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।