प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा प्रयास होना चाहिए कि मुजफ्फरनगर का नाम क्राइम मैप से हट जाए। अपराधी किसी भी हालत में जेल से बाहर नहीं होना चाहिए। दुपहिया वाहन बिन हेलमेट के न चलने दें।
विकास भवन के सभागार में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर प्रमुख सचिव ने तीन घंटे अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में समस्त सीओ, एसडीएम से लेकर डीएम और एसएसपी तक मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाया जाए। कॉलेज जाने वाली छात्राओं में भय नहीं होना चाहिए। बाजार में सामान लेने जाने वाली महिलाएं असुरक्षित महसूस न करें। माहौल खराब करने वालों के खिलाफ शांतिभंग में कार्यवाही कराना सुनिश्चित की जाए। मुजफ्फरनगर का नाम क्राइम मैप से हटाना है।
उन्होंने गैंगेस्टर, दहेज हत्या, अपहरण, बलात्कार आदि प्रकरणों में की गई निरोधात्मक कार्यवाही की भी समीक्षा की। प्रमुख सचिव ने यातायात संबंधी जागरुकता बढ़ाने के निर्देश दिए। पुलिस एवं परिवहन विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान चलाएंगे तो अच्छे परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि जिले में लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
नियमानुसार डीलर बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन नहीं बेचेंगे। बिना हेलमेट दुपहिया वाहन नहीं चलने दें। उन्होंने सभी कार्यालयाध्यक्षों कोे निर्देश दिए कि वह अपने कार्यालय में कार्यरत कार्मिकों को निर्देशित करें कि हेलमेट पहनकर ही वाहन चलाएं। उन्होंने सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए कि वे हेलमेट की क्वालिटी को भी दिखवा लें।
उन्होंनेे कहा कि ब्लेकस्पोट चिह्नित किए जाएं। पीडब्ल्यूडी सड़कों पर माइलस्टोन लगवाना सुनिश्चित करे। परिवहन विभाग की ओर से प्रत्येक जनपद में सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर्स आदि का कामर्शियल प्रयोग न हो और ट्रकों में सरिया ओवरलोड न हो। उन्होंने पंजीकृत और गैर पंजीकृत ई-रिक्शाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि थाना समाधान दिवस में आने वाली भूमि संबंधी शिकायतों का पुलिस एवं राजस्व विभाग मिलकर निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि विवेचना समयबद्ध ढंग से पूर्ण कर आरोप पत्र तीन माह की समय अवधि में ही दाखिल की जाए, जिससे आरोपी जमानत न पा सकें।
उन्होंने संगठित भू-माफिया और उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई और एंटीरोमियो स्क्वायड, यूपी-100 पर प्रतिदिन प्राप्त शिकायतों की जानकारी ली। जिले में समानांतर सरकार चलाने वाले माफिया को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसएसपी अनंत देव तिवारी को 50 हजार के ईनामी के एनकाउंटर पर बधाई दी।
सोलानी नदी पर बांध के लिए प्रस्ताव बनाएं
मुजफ्फरनगर। जिले की नोडल अधिकारी आराधना शुक्ला ने कहा कि सरकार की योजनाएं पात्र लोगों तक पहुंचनी चाहिए। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने खादर क्षेत्र में बाढ़ की समस्या से निजात के लिए सोलानी नदी पर बांध का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए।
विकास भवन सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को मिलना चाहिए। अधिशासी अभियंता नागेंद्र सिंह कटारिया के गैरहाजिर रहने पर उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सभी को मिलना चाहिए। अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर लिंग परीक्षण नहीं होने चाहिए। निर्माण कार्यों की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
प्रमुख सचिव ने आईटीआई भवन मोरना के निर्माण को लेकर पूूूछा तो जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भरतलाल गोंड ने बताया कि भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया हैै। एक वर्कशॉप शेष बची है, शासन से धनराशि मिलते ही कार्यपूर्ण करा लिया जाएगा।
उन्होंने आईटीआई शाहपुर एवं पुरकाजी के निर्माणाधीन भवनों की समीक्षा भी की। पुरकाजी के लिए दो करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई थी, जो व्यय कर ली गई है। बैठक में डीएम जीएस प्रियदर्शी, सीडीओ अंकित कुमार अग्रवाल, एडीएम वित्त सुनील कुमार सहित विकास से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
दिनभर अटकी रही कर्मियों की सांसें
जिला नोडल अधिकारी एवं प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला के निरीक्षण को लेकर रोडवेज पर कर्मचारियों की सांसें अटकी रहीं। निरीक्षण की संभावना के चलते सहारनपुर से आरएम और एसएम ने भी डेरा डाले रखा। प्रमुख सचिव को डिपो का निरीक्षण करना था, लेकिन वह नहीं पहुंचीं। इससे कर्मचारियों, अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
दो दिवसीय दौरे पर जिले में रही प्रमुख सचिव अराधना शुक्ला वर्तमान में परिवहन निगम की भी उपायुक्त हैं. जिसके चलते उनके रोडवेज डिपो पर निरीक्षण किया जाना प्रस्तावित था। निरीक्षण से पूर्व रोडवेज डिपो पर अधिकारियों ने आनन-फानन में रंगाई-पुताई के साथ सफाई अभियान चलाया। इसके अलावा भी डिपो पर बसों की एंट्री, आवाजाही को सकुशल बनाने के लिए कर्मचारियों की तैनाती रखी गई।
सहारनुपर से आरएम मनोज पुंडीर और एसएम श्यामबाबू भी डिपो पर डेरा डाले रहे। विकास भवन में अधिकारियों की मीटिंग लेने के बाद प्रमुख सचिव अराधना शुक्ला डिपो पर नहीं पहुंचीं। निरीक्षण टलने से डिपो के अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
अफसरों को नौ घंटे तक बैठे रहना पड़ा
जिलेे की नोडल अधिकारी आराधना शुक्ला द्वारा बुलाई गई समीक्षा बैठक में शामिल होने के लिए नौ बजे विकास भवन पहुंचे अफसरों को शाम छह बजे तक बैठना पड़ा। शुक्ला ने शुरू के तीन घंटे कानून व्यवस्था को लेकर बैठक की। अधिकारी सुबह नौ से साढ़े नौ बजे के बीच विकास भवन पहुंच गए।
आराधना शुक्ला ने पहले कानून व्यवस्था की बैठक ली। दस बजे मीटिंग शुरू हो गई। यह बैठक तीन घंटे चली। विकास योजनाओं से जुडे अफसरों को इस दौरान लगातार इंतजार करना पड़ा। एक बजे उनकी मीटिंग शुरू हुई। यह बैठक लगातार पांच घंटे चली। छह बजे तक विभागवार समीक्षा हुई। लगातार नौ घंटे अधिकारियों को बैठना पड़ा।