मुजफ्फरनगर। जिले की रचनाकार सविता वर्मा गजल के प्रथम कहानी संग्रह ‘एक थी महुआ’ का लोकार्पण मूर्धन्य साहित्यकारों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता रचनाधर्मी, समाजसेवी और प्रखर राष्ट्रवादी डॉ कीर्तिवर्धन ने तथा संचालन मधुर नागवान ने किया।
‘एक थी महुआ’ के लोकार्पण के अवसर पर बोलते हुए नई दिल्ली से पधारे चर्चित कथाकार संदीप तोमर ने कहा कि सविता वर्मा गजल की यह विशेषता है कि उनकी कहानी लिखने की रवानगी से पाठक कहानी के अंत तक बंधा रहता है। लालकुआ से पधारी प्रकाशक और वरिष्ठ साहित्यकार आशा शैली ने कहा कि सविता वर्मा गजल की कहानियां छोटे कस्बों के निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों की कहानियां हैं। कार्यक्रम के संरक्षक डॉ एसएन चौहान ने कहानियों के उद्देश्यों पर बात करते हुए कहानी की दिशा और दशा में राष्ट्र निर्माण और समाज के उत्थान के संदेश के महत्व पर चर्चा की।
साहित्यिक संस्था ‘शब्द संसार’ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का आरंभ रूपा चौधरी की सरस्वती वंदना से हुआ। इस अवसर पर नेपाल की कवयित्री पूजा ‘बहार’ और लखनऊ की रचनाकार रश्मि श्रीवास्तव ‘लहर’ को आरती स्मृति सम्मान से पुरस्कृत किया गया। समर्थ प्रकाश, मुकेश अरोरा, मुकेश, हापुड़ से पधारे महेश वर्मा, शब्द संसार की सचिव मनु श्वेता, सुमन युगल, रश्मि श्रीवास्तव, कवयित्री सुमन लता, वरिष्ठ साहित्यकारव् गोपाल नारसन, खुशबू वर्मा, सुमन प्रभा, अखिलेश साहिल, चिराग सिंघल, अनिल ऋतुराज, रोहित कौशिक, प्रतिभा त्रिपाठी, सुनील शर्मा, योगेन्द्र सोम, जेपी सविता, डॉ प्रदीप जैन, नेमपाल प्रजापति, रामकुमार रागी, पुष्पा रानी, पंकज शर्मा आदि की उपस्थिति रही।