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परिवार के सदस्यों पर टूटा गम का पहाड़

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समीर हत्याकांड- परिवार के सदस्यों पर टूटा गम का पहाड़
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मुजफ्फरनगर। मोहल्ला लद्दावाला निवासी अधिवक्ता समीर सैफी 15 अक्तूबर को संदिग्ध हालात में लापता हुए थे, जिनकी बरामदगी के लिए अफसर पुलिस थाने के चक्कर काटते रहे थे। शनिवार को लापता अधिवक्ता की हत्या की जानकारी मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए। रोते-बिलखते परिजन थाने पहुंचे, जहां अधिवक्ता के उन्हीं के दोस्तों के हाथ मौत के घाट उतारे जाने की जानकारी मिली। रविवार दोपहर करीब तीन बजे अधिवक्ता का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजनों ने जैसे-तैसे शव को देखा, जिसके बाद उसे तत्काल सरवट कब्रिस्तान ले जाया गया। अधिवक्ता के जनाजे के में काफी लोगों ने शिरकत की।
परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
मुजफ्फरनगर। अधिवक्ता समीर सैफी के अपहरण व हत्या के मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर परिजनों में बेहद आक्रोश रहा। गमजदा परिजनों का कहना है कि अपहरण के बाद रात में ही शहर कोतवाली में अधिवक्ता की गुमशुदगी दर्ज करा दी गई थी। इसके बावजूद पुलिस उन्हें इंतजार करने की बात कहकर हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। आरोप है कि पुलिस को हत्यारोपियों के बारे में भी उसी दिन जानकारी दे दी गई, जिस पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी लिया, लेकिन पूछताछ के बाद एक कथित नेता के इशारे पर उन्हें छोड़ दिया गया। परिजनों के अनुसार, जब वे बेटे की बरामदगी के लिए अफसरों से मिलने पहुंचे तो अफसरों द्वारा उल्टे अधिवक्ता के कामकाज पर उंगलियां उठाते हुए उन्हें धमकाकर भगा दिया गया। यदि पुलिस गंभीरता से उनके बेटे की तलाश करती, तो संभवत: वह आज जीवित होता।
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आरोपियों के घर रही फोर्स तैनात
मुजफ्फरनगर। अधिवक्ता समीर सैफी की हत्या करने वाले आरोपियों के घर तोड़फोड़ की आशंका में पुलिस खासी सतर्क रही। हत्यारोपियों के घर पर एहतियातन पुलिसबल के साथ ही पीएसी की भी तैनाती की गई है, जो लगातार जारी है।
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