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वीतराग संत की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण स्मरण

Fri, 15 Jul 2016 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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स्वामी कल्याणदेव को श्रद्धा सुमन अर्पित करते अतिथि। - फोटो : अमर उजाला
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शुकतीर्थ के जीर्णोद्धारक, वीतराग स्वामी कल्याणदेव जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर उनकी पावन स्मृति को नमन किया गया। भाजपा सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह ने कहा कि निस्वार्थ सेवा को जीवन समर्पित कर शिक्षा ऋषि ने भारत की ऋषि परंपरा को साकार किया है। 
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भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में बृहस्पतिवार को संत-महात्माओं, अनुयायियों, विद्यार्थियों, आचार्यों और भागवत भक्तों ने महान संत का भावपूर्ण स्मरण किया। श्री डोगरे जी भागवत भवन में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में बिजनौर सांसद भारतेंद्र सिंह ने कहा कि स्वामी कल्याण देव ने इस धरा पर मानव मात्र के कल्याण के लिए जन्म लिया था। सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन, स्वतंत्रता आंदोलन और ग्रामोत्थान में सहभागिता के बाद स्वामी ने अज्ञानता के अंधियारे को मिटाने का संकल्प लिया था।

वह भारत की श्रेष्ठतम संत परंपरा के वाहक और युग की सच्ची विभूति थे। पूर्व उप थल सेनाध्यक्ष निरंजन सिंह मलिक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की ज्योति जलाकर स्वामी जी ने बापू और विनोबा भावे के ग्रामराज के स्वप्न को पूर्ण किया। शहीदों, क्रांतिकारियों और वीर सैनिकों के प्रति उनका स्नेह और श्रद्धा अद्भुत थी। 
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श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि गुरुदेव का महान व्यक्तित्व समाज और राष्ट्र के लिए प्रकाश स्तंभ हैं। स्वामी जी मानते थे कि शिक्षा से ही समाज में जीवन मूल्य, संस्कारों और चारित्रिक विकास का समन्वय स्थापित होगा। उनकी राष्ट्रभक्ति अतुलनीय थी। शुकतीर्थ की महिमा को पुन: स्थापित करने में स्वामी जी का पुरुषार्थ अमिट रहेगा।

ट्रस्ट अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश ने कहा कि स्वामीजी सादा जीवन, उच्च विचार के सच्चे प्रतीक थे। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कर्मयोगी संत के जीवन में सदाचरण और नैतिकता के दर्शन होते थे। हरियाणा के पूर्व मंत्री डॉ एमएल रंगा, स्वामी कनक प्रभानंद सरस्वती, आचार्य गुरुदत्त आर्य, मास्टर विजय सिंह, कैप्टन सुरेश चंद त्यागी, पूर्व न्यायाधीश बीबी सिंह, देवराज पंवार, गांधी पालीटेक्निक के पूर्व प्राचार्य रामपाल सिंह आदि ने विचार रखे।

संचालन शिक्षाविद गजेंद्र पाल सिंह ने किया। पूर्व प्राचार्य डॉ. लक्ष्मण सिंह टांक, हरपाल पंवार, स्वामी भजनान्द, स्वामी गीतानंद, अजयकृष्ण, श्री गंगा सेवा समिति के महामंत्री प्रेमशंकर मिश्रा, आचार्य इंद्रपाल, रमेश मलिक, सुभाष चौधरी, अशोक बालियान आदि मौजूद रहे। 

दिव्यांगों को भेंट की गई ट्राई साइकिल, व्हील चेयर
संत स्मृति में 340 दिव्यांगों को ट्राईसाइकिल, व्हील चेयर, बैसाखी, कान की मशीन आदि उपकरणों का निशुल्क वितरण किया गया। भाजपा सांसद भारतेंद्र सिंह, स्वामी ओमानंद सरस्वती और अन्य अतिथियों ने चयनित दिव्यांगों को उपकरण भेंट किए। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम और जिला प्रशासन के निर्देशन में सहायता उपकरण बांटे गए हैं। हर्षमणि, विजय शर्मा, आचार्य श्याम, हरीश शर्मा, राजू, रविंद्र शर्मा आदि का सहयोग रहा। 

समाधि मंदिर में चरणाभिषेक, मंत्रपाठ
वीतराग संत के समाधि मंदिर में प्रात: श्री शुकदेव आश्रम के पुरोहितों ने विधि विधान से चरणाभिषेक कराया। आरती और पूजन के बाद महान संत की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। श्री शुकदेव संस्कृत विद्यालय के ब्रह्मचारियों ने मंत्रपाठ किया। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद श्रद्धांजलि सभा में कथाव्यास महावीर शरण जी महाराज के साथ संतों ने शुकतीर्थ संदेश पत्रिका का विमोचन किया। सभा के बाद भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आचार्य ज्ञानप्रसाद, गिरिश चंद्र उप्रेती, कथा व्यास अचल शास्त्री, सुमन शास्त्री आदि मौजूद रहे।
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