शहर कोतवाली में बीएसएफ के एक डीआईजी के खिलाफ जाम लगाने का मुकदमा दर्ज कर दिया गया। मामले की जानकारी एसएसपी दीपक कुमार को हुई तो उन्होंने वहलना चौकी इंचार्ज को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी ने बताया कि पुलिस तफ्तीश से बीएसएफ के डीआईजी का नाम हटा दिया गया है।
पुलिस जो कर दे, सो कम है। ताजा मामला वहलना चौकी क्षेत्र से जुड़ा है। यहां जाम लगाने के मामले में छत्तीसगढ़ के रायपुर में तैनात बीएसएफ के डीआईजी के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। दरअसल, सोमवार को मंसूरपुर के लच्छेड़ा की श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्राली कैंटर की टक्कर लग जाने से वहलना चौक पर पलट गई थी। जिसमें मौके पर ही लछेड़ा के एक युवक अर्जुन की मौत हो गई थी।
मामले में गुस्साए ग्रामीणों ने कई घंटे हाईवे को जाम रखा था। इस दौरान पुलिस ने जाम लगाने वालों की वीडियोग्राफी कराई और ग्रामीणों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस मामले में दर्जनों नामजद और 50 से 100 के करीब अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया था। नामजदगी में वहलना चौकी इंचार्ज रोहताश सिंह ने जितेंद्र सिंह का नाम भी शामिल कर दिया जो कि छत्तीसगढ़ के रायपुर में बीएसएफ में डीआईजी के पद पर तैनात हैं।
डीआईजी का छोटा भाई देवेंद्र गांव का मौजूदा प्रधान है। प्रधान देवेंद्र के अनुसार डीआईजी हमेशा दिल्ली आते-जाते हैं, गांव में वह कभी-कभार ही आते हैं। पता नहीं पुलिस ने कैसे उनका नाम जाम लगाने वालों में लिख दिया। इधर, मामले की जानकारी पुलिस को लगी तो हड़कंप मच गया।
एसएसपी दीपक कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए चौकी इंचार्ज रोहताश सिंह को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया है। एसएसपी ने बताया कि दरोगा ने किसी से नाम पूछताछ कर तहरीर में लिख दिए, किसी ने शरारतवश डीआईजी का नाम भी लिखवा दिया। एसएसपी ने बताया कि तफ्तीश से डीआईजी का नाम हटा दिया गया है।