संवाद न्यूज एजेंसी
बुढ़ाना/खतौली। जैन मुनि आचार्य विद्यासागर जी महाराज के देवलोक गमन से कस्बा व देहात का जैन समाज शोक में डूबा है। जैन समाज के लोगों ने विद्यासागर जी महाराज के देवलोक गमन को समाज की अपूरणीय क्षति बताया।
सकल जैन समाज बुढ़ाना के पदाधिकारियों ने बताया कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज का छत्तीसगढ़ के डोगरगढ़ के चन्द्रगिरी क्षेत्र में 17 फरवरी की रात 2 बजकर 35 मिनट पर समता पूर्वक यम सल्लेसना के साथ देवलोक गमन हो गया। जैन समाज के लोगों ने कहा कि ऐसे महान मुनिराज के समाधिस्थ होने पर जैन समाज को भारी क्षति है। इस क्षति को जैन समाज के लोगों ने अपूरणीय बताया।
उधर, खतौली में भी संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महा मुनिराज के ब्रह्म में लीन होने की सूचना पर जैन मंदिरों में श्रद्धालु इकट्ठा हुए। इसके बाद नमोकार महामंत्र का जाप किया। उनके बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। धर्म विदुषी डाॅ. ज्योति जैन ने बताया कि रविवार में गुरु जी की डोला समाधि यात्रा चंद्रगिरी तीर्थ डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़ में निकाली गई। जैन समाज अध्यक्ष सुशील जैन ने कहा कि सदैव गो पालन, गो संरक्षण, पौधरोपण, हथकरघा और स्वदेशीकरण का जन जागरण किया। नगर के जैन मंदिरों में सुशील, संजय, मोहित स्वतंत्र, योगेश सर्राफ, जय भगवान, सिलचंद, अनुराग प्रधानाचार्य, राजकुमार प्रवक्ता, कल्पेंद्र, अंजना, अलका, मोनिका, अंजलि, रजनी प्रवक्ता, नैना, मुकेश एडवोकेट, नीरज जैन उपस्थित रहे।