उपद्रव की साजिश में पीएफआई के पदाधिकारियों पर शक
मुजफ्फरनगर। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुई हिंसा के पीछे पुलिस को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का हाथ होने का शक है। पुलिस की जांच में कई तथ्य सामने आए हैं, जिस आधार पर पीएफआई पर शक गहरा गया है। इस संगठन के पदाधिकारियों पर पुलिस शिकंजा कस रही है। अधिकांश पदाधिकारी फरार हो चुके हैं या फिर भूमिगत हो गए हैं।
गत 20 दिसंबर को सीएए को लेकर शहर में मदीना चौक, कच्ची सड़क, महावीर चौक व मीनाक्षी चौक पर हिंसा भड़की थी। पुलिस ने जांच शुरू की तो पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों की गतिविधियों को लेकर छानबीन की गई। पुलिस को आशंका है कि उपद्रव की साजिश के पीछे पीएफआई के पदाधिकारियों का हाथ हो सकता है। इसलिए गोपनीय रूप से जांच कराई गई। संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की तलाश शुरू की तो सभी अपने घर से फरार या भूमिगत हो गए।
प्लानिंग से रची थी हिंसा की साजिश
मुजफ्फरनगर। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन की साजिश पहले ही रच ली गई थी, जिसे पूरी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया। सूत्रों के अनुसार, एक ओर जहां एक वर्ग के लोगों को सीएए व एनआरसी के संबंध में गलत जानकारियां दी गईं। इसके बाद उन्हें भड़काते हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने के लिए उकसाया गया। हिंसा करने के लिए 15 से 22 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं व किशोरों को मोहरा बनाया गया। लोगों को एक खास स्थान पर एकत्रित होने के लिए महज 12 घंटे पहले ही पर्चे वितरित किए गए और गुपचुप तरीके से बैठकों का आयोजन किया गया। यह सब इतने गोपनीय तरीके से किया गया कि खुफिया विभाग व पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग सकी।
आठ माह पूर्व शहर में चिपकाए थे विवादित पोस्टर
मुजफ्फरनगर। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने शहर में करीब आठ माह पूर्व एक वर्ग के मोहल्लों में विवादित पोस्टर चस्पा किए गए थे। इन पोस्टरों में बेखौफ जियो, बाइज्जत जियो का नारा दिया गया था। पुलिस प्रशासन ने रातों रात पोस्टरों को शहर से हटवा दिया था। विवादित पोस्टर चस्पा किए जाने के मामले में उस समय दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि उपद्रव को पूरी प्लानिंग से अंजाम दिया गया है, जिसके पीछे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का नाम निकलकर आ रहा है। संगठन के अधिकांश पदाधिकारी भूमिगत हो चुके हैं, जिनको तलाश किया जा रहा है। संगठन के संबंध में पुख्ता जानकारियां जुटाईं जा रहीं हैं, जिसे लेकर जल्द ही सभी तथ्यों के साथ खुलासा किया जाएगा।