रमजान माह में कारागार के भीतर मुस्लिमों के अलावा हिंदू महिला और पुरुष बंदियों ने रोजा रखकर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है। जेल अफसरों ने इस दौरान बंदियों के लिए दूध, चीनी और फल आदि की व्यवस्था की है। रमजान माह में बंदियों को इस्तेमाल होने वाली सभी चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जेल के भीतर बंद मुस्लिम और हिंदू बंदी एक-साथ रोजे रखकर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं। हिंदू महिला बंदी भी दो दिन से रोजे रख रही हैं। जेल अधीक्षक राकेश सिंह के मुताबिक जिला कारागार में करीब 2600 बंदी हैं। रविवार से रमजान का महीना शुरू हुआ, तो बंदियों ने रोजे रखने प्रारंभ किए। दोनों दिन कुल 1226 बंदियों ने रोजे रखे।
1174 मुस्लिम, 32 हिंदू पुरुष बंदी, 18 महिला मुस्लिम और दो हिंदू महिला बंदी रोजे रख रही हैं। अधीक्षक ने बताया कि रोजा रखने वाले सभी बंदियों को जेल प्रशासन की ओर से दूध, चीनी, खजूर, बिस्कुट और मौसमी फल दिया जा रहा है। सहरी और इफ्तार के समय पर बंदियों को सभी सामान दिया जा रहा है। सभी बंदियों को रमजान में इस्तेमाल की जाने वाली सभी चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं।