मुजफ्फरनगर। पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना परवान नहीं चढ़ पा रही। योजना के तहत धर्म नगरी शुकतीर्थ और देवल में होमस्टे के लिए चार-चार लोगों की ओर से आवेदन दिया गया था। पर्यटकों को ठहराने की भी सारी व्यवस्था कर ली गई। विभाग की ओर से मेहमानों की आवभगत के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान करा दिया गया। बावजूद भौतिक सत्यापन में देरी के चलते एक भी आवेदक को अनुमोदन नहीं मिल पाया।
पर्यटकों को ठहरने के बेहतरीन विकल्प देने और स्थानीय रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग की ओर से बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे योजना शुरू की गई थी। इसके तहत कोई भी व्यक्ति अपने घर के अधिकतम आठ कमरे (16 बेड तक) पर्यटकों के लिए पंजीकृत करा सकता है।
होमस्टे योजना के तहत धर्म नगरी शुकतीर्थ और ग्राम पंचायत केलापुर जसमौर के देवल (हैदरपुर वेटलैंड क्षेत्र) में आठ लोगों ने आवेदन किया था। लेकिन जिला स्तरीय अनुमोदन समिति की स्वीकृति न मिल पाने के कारण अभी तक एक भी आवेदक को होमस्टे योजना का लाईसेंस नहीं मिल पाया। हालाकि स्वयं सेवी संस्था लक्ष्य के माध्यम से आवेदकों को लखनऊ में प्रशिक्षण भी दिला दिया गया।
प्रशिक्षण ले चुके हैं, अब लाइसेंस का इंतजार
होमस्टे के लिए आवेदन करने वाली शुकतीर्थ की विमलेश का कहना है कि पर्यटन विभाग की ओर से लखनऊ में प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है। उन्होंने अपने आवास पर होमस्टे की तैयारी भी पूरी कर ली है। लेकिन भौतिक सत्यापन पूर्ण न हो पाने के कारण अनुमोदन नहीं हो पाया।
सभी तैयारी पूरी, सत्यापन में हो रही देरी
होमस्टे के लिए आवेदन करने वाले शुकतीर्थ के धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि मानक अनुसार उन्होंने पर्यटकोंं के ठहराने के लिए घर में तैयारी कर ली है। लेकिन सत्यापन में देरी के चलते अनुमोदन न होने से पर्यटकों का आवागमन शुरू नहीं हो पाया।
वर्जन
शुकतीर्थ और देवल में होमस्टे की तैयारी चल रही है। आवेदकों को प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है। भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कराकर सभी आवेदनों के सापेक्ष अनुमोदन उपरांत पर्यटकों का आना शुरू हो जाएगा। - मयंक मिश्रा, रूरल डवलपमेंट एक्सपर्ट लक्ष्य
आवेदन के सापेक्ष भौतिक सत्यापन में समय लग रहा है। जिला स्तरीय समिति की संस्तुति उपरांत लखनऊ स्तर से अनुमोदन कराकर होमस्टे योजना के तहत पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। - आकशदीप, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी
होमस्टे योजना के तहत शुकतीर्थ में धर्मेंद्र शर्मा की ओर से तैयार किया गया ड्राइंग रूम। संवाद