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कमरे की दीवार गिरी, मलबे में दबकर बच्चे की मौत

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खतौली क्षेत्र में घटनास्थल पर पर जमा भीड़। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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कमरे की दीवार गिरी, मलबे में दबकर बच्चे की मौत
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खतौली (मुजफ्फरनगर)। इस्लामाबाद भूड़ में कार चालक के घर के सामने बने कच्चे कमरे की दीवार गिर गई। मलबे में दबकर उसके दस वर्षीय बेटे की मौत हो गई। हादसे से परिवार में कोहराम मच गया। लेखपाल ने भी घटना की जानकारी मिलने पर मौका-मुआयना किया।
कस्बे के मोहल्ला इस्लामाबाद भूड़ निवासी मोहम्मद सैफी कार चालक है। घर के सामने ही सैफी ने एक कच्चा कमरा बनाया हुआ है, जिसमें रेत और काफी कबाड़ आदि भरा हुआ है। रविवार सुबह वह काम पर गया हुआ था। इसी दौरान सुबह करीब 11 बजे सैफी का दस साल का बेटा आलिम उक्त कच्चे कमरे के पास खेल रहा था। अचानक कमरे की कच्ची दीवार बच्चे के ऊपर आ गिरी, जिससे वह मलबे में दब गया। सिर में ईंटें लगने से बच्चे का खून बहने लगा। परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे को हटाकर अचेतावस्था में लहूलुहान बच्चे को प्राइवेट डॉक्टर के यहां ले गए, लेकिन रविवार की छुट्टी होने के कारण कोई चिकित्सक नहीं मिल सका। काफी देर की भागदौड़ के बाद परिजन बच्चे को सीएचसी ले गए, जहां उपचार के दौरान खून अधिक बहने से बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी मिलने पर लेखपाल रणवीर शर्मा मौके पर पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी लेते हुए मामले की जानकारी आला अधिकारियों को दी। आसपास के लोगों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है।
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करीब 40 मिनट तक नहीं मिला उपचार
खतौली। इस्लामाबाद भूड़ में रविवार सुबह करीब 11 बजे हुए हादसे के बाद सिर में ईंटें लगने से लहूलुहान बच्चे को करीब 40 मिनट तक किसी तरह का उपचार नहीं मिल सका। दरअसल, करीब 15 मिनट तो बच्चे को मलबे से निकालने में लग गया, जबकि इसके बाद आधा घंटे तक परिजन बच्चे को बेहतर उपचार के लिए एक से दूसरे प्राइवेट डॉक्टर के यहां लेकर घूमते रहे, लेकिन रविवार होने के चलते किसी भी नर्सिंग होम या क्लीनिक पर कोई डॉक्टर नहीं मिल पाया। आखिरकार बच्चे को सीएचसी ले जाया गया, जहां खून अधिक बहने से उसकी मौत हो गई। यदि निजी डॉक्टर समय से बच्चे को उपचार दे देते तो संभवत: उसकी जान बच सकती थी।

खतौली में मृतक अमील का फाईल फोटो- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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