मुजफ्फरनगर। भलवा गांव की प्रगति ने अपनी जान बचाने के लिए खूब संघर्ष किया। सिरफिरे आशिक रोहित ने हाथ, गर्दन और सीने पर चाकू के आठ घाव दिए। आखिरी सांस तक प्रगति जान बचाने के लिए संघर्ष करती रही। सारे कपड़े फट गए। वह फर्श पर गिरी तो इसके बाद रोहित ने अपनी गर्दन पर दो वार किए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बंद कमरे में अंजाम दी गई हत्या की गुत्थी साफ होती दिख रही है। बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जाहिर हो रहा है कि रोहित अपनी प्रेमिका की शादी से खुश नहीं था।
असल में आठ फरवरी को होने वाली शादी के लिए प्रगति ने हामी भर दी थी लेकिन रोहित को यह नागवार गुजर रहा था। बृहस्पतिवार शाम वह चाकू लेकर छोटे से उस कमरे में पहुंच गया, जहां पर प्रगति घर के काम निबटा रही थी। दोनों के बीच कुछ पल के लिए बात हुई। प्रगति ने उसे समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माना।
अचानक चाकू निकाल लिया प्रगति ने दोनों हाथ आगे किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो घाव हाथ पर मिले हैं। इसके बाद गर्दन पर वार किया गया। कंधे और सीने पर वार किए गए। जान बचाने के लिए संघर्ष में प्रगति के कपड़े भी फट गए। प्रगति के शरीर पर कुल आठ घाव मिले हैं।
रोहित की गर्दन पर मिले दो घाव
आरोपी रोहित की गर्दन पर दो घाव मिले। असल में प्रगति जब निढाल होकर गिर गया और बाहर से दरवाजा पीटा जाने लगा तो रोहित ने खुद पर हमला शुरू कर दिया। गर्दन पर दो वार होने के बाद वह गिर गया और अधिक खून बह जाने से उसकी मौत हो गई।
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क्या था मामला
भलवा गांव की प्रगति और रोहित के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था। आठ फरवरी को प्रगति की शादी होनी थी लेकिन रोहित शादी का विरोध कर रहा था। बृहस्पतिवार शाम करीब साढे़ पांच बजे वह प्रगति के घर पहुंचकर कमरे में चला गया। यहीं पर उसने प्रेमिका की हत्या कर दी और खुद भी जान दे दी थी।