कृषि कानूनों के विरोध में रोहाना टोल फ्री कराया
रोहाना (मुजफ्फरनगर)। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के तहत भाकियू समेत कई संगठनों से जुड़े किसानों ने रोहाना टोल प्लाजा पर धरना देकर वाहनों को नि:शुल्क टोल से निकाला। करीब दो घंटे बाद एसडीएम को ज्ञापन देकर किसानों ने धरना खत्म किया। किसानों ने कहा कि जल्द मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार की हठधर्मिता को सहन नहीं किया जाएगा।
केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के तहत शनिवार को भारतीय किसान यूनियन और पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा से जुड़े किसानों ने रोहाना टोल प्लाजा पर धरना दिया। सुबह दस बजे से धरना शुरू करने के बाद करीब 11 बजे से किसानों ने टोल से सभी वाहनों को बिना शुल्क दिए निकलवाना शुरू कर दिया। इस दौरान धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कृषि कानूनों को किसान विरोधी करार देते हुए इन्हें कारपोरेट घरानों के हित में बताया। साथ ही किसानों के सभी कर्ज माफ किए जाने, गन्ने का बकाया भुगतान दिलाए जाने व देश में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने समेत विभिन्न मांगे पूरी करने की बात कही गई। इसके साथ ही किसानों को गन्ने का मूल्य छह सौ रुपये प्रति क्विंटल दिलाए जाने और बिजली बिल माफ किए जाने की भी मांग की गई। दोपहर करीब एक बजे एसडीएम सदर दीपक कुमार को ज्ञापन देकर धरना खत्म किया गया। धरने पर भाकियू नेता संजीव भारद्वाज, मणिकांत भारद्वाज, सतीश, आशीष त्यागी, मनीष, अनुज राठी, इमलाख प्रधान व हरीश के साथ ही पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष भगतसिंह वर्मा, नईम त्यागी, राजेंद्र चौधरी, वाजिद अली त्यागी, सरदार गुलविंदर सिंह, अजय कुमार, मोहम्मद अरशद, जिला पंचायत सदस्य कंवरपाल सैनी, सुधीर चौधरी, मौहम्मद अरशद, नरेश कुमार, याकूब चौधरी, हाजी सुलेमान समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आरआरएफ और पीएस के साथ मौजूद रहे अफसर
मुजफ्फरनगर। रोहाना टोल प्लाजा पर किसानों द्वारा दिए गए धरने के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर एक कंपनी पीएसी, आरआरएफ के साथ ही भारी संख्या में फोर्स मौजूद रही। एसडीएम सदर दीपक कुमार के साथ ही सीओ सिटी राजेश कुमार द्विवेदी और इंस्पेक्टर अनिल कपरवान धरना खत्म होने तक टोल प्लाजा पर ही मौजूद रहे।