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लाखों में पहुंचा रोडवेज का मार्ग प्रपत्र घोटाला

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लाखों में पहुंचा रोडवेज का मार्ग प्रपत्र घोटाला
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मुजफ्फरनगर। रोडवेज परिचालक द्वारा मार्ग प्रपत्र में हेराफेरी कर किया गया घोटाला प्रारंभिक जांच में दो लाख रुपये से भी ज्यादा का मिला है। इसके और भी बड़ा होने की आशंका है। क्षेत्रीय प्रबंधक सहारनपुर ने संबंधित परिचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही मई माह से पुराने वे-बिल जांच के लिए मंगाए हैं।
मुजफ्फरनगर डिपो के एआरएम बीपी अग्रवाल ने 18 अक्तूबर 2019 को चेकिंग में दौराला क्षेत्र में टोल प्लाजा पर डिपो की बस पर तैनात परिचालक राकेश कुमार की गाड़ी चेक की थी। मार्ग प्रपत्र में संदेह होने पर उन्होंने उसे जब्त कर लिया था। परिचालक दिल्ली-देहरादून मार्ग पर चलता था। मार्ग प्रपत्र की जांच में कुछ गड़बड़ी सामने आई। दो सदस्यों की टीम द्वारा माह अक्तूबर के मार्ग पत्र को चेक कराए गए तो उनमें हजारों का घोटाला पकड़ा गया। एआरएम ने आरएम सहारनपुर मनोज पुंडीर को अवगत कराया। उन्होंने अक्तूबर सहित मई तक के मार्ग प्रपत्र अपने पास मंगवा लिए। एआरएम ने मार्ग प्रपत्रों को चेक करने वाले लिपिक रणवीर सिंह को दिसंबर माह की शुरुआत में निलंबित कर दिया था। मई से अक्तूबर तक के मार्ग प्रपत्रों में आरएम की चेकिंग में 228194 रुपये का घोटाला सामने आया। इसमें मई व जून में 91976, सितंबर में 26470, अक्तूबर माह में 17272, जुलाई-अगस्त में 92476 रुपये का घोटाला पकड़ा गया। अब आरएम ने मुजफ्फरनगर कार्यालय से मई से पहले के सभी मार्ग प्रपत्र मंगवा लिए हैं। हो सकता है वर्ष 2018 के मार्ग प्रपत्र भी चेक कराए जाएं। एआरएम ने परिचालक राकेश कुमार के विरुद्ध गबन की रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। आरोपी परिचालक की संविदा पहले ही समाप्त की जा चुकी है।
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इस तरह की जाती थी हेराफेरी
मुजफ्फरनगर। परिचालक राकेश कुमार हाथ से बने टिकटों में हेराफेरी करता था। वह मुजफ्फरनगर-दिल्ली-देहरादून मार्ग पर संचालित था। यदि रूट पर बस चेक नहीं हुई, तो किसी रसायन से टिकट पर लिखे हुए को मिटाकर उन्हें फिर लिखता था और सरकारी धन का गबन करता था। वह प्रतिदिन कई हजार का हेरफेर करता था। 18 अक्तूबर 2019 को उसने अपने मार्ग प्रपत्र में सही एंट्री दर्ज नहीं की थी, जिसमें संदेह होने पर एआरएम ने उसे बारीकी से दिखवाया। इससे स्पष्ट हुआ कि मार्ग प्रपत्र के टिकटों में परिचालक ने पहले की लिखाई को मिटाकर पुन: कुछ लिखा है, जिसके बाद यह घोटाला खुला।
इन्होंने कहा...
- मार्ग प्रपत्र में हेराफेरी कर सरकारी धन का गबन करने वाले परिचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। गबन की जांच जारी है।
- बीपी अग्रवाल, एआरएम, मुजफ्फरनगर डिपो।
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