करीब दो माह बाद रोडवेज बसों का संचालन तो हुआ, लेकिन यात्रियों की कमी रही। जिन्होेंने यात्रा की उन्होंने नियमों का पालन नहीं किया। कई यात्रियों ने बिना मास्क लगाए बसों में यात्रा की, तो कुछ ने अपने हाथों को सैनिटाइज ही नहीं कराया।
बसों का संचालन एक जून से शुरू हो गया है। लेकिन अभी तक रोडवेज बसों को पर्याप्त यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। शासन के आदेशनुसार बसों में बैठने से पहले यात्रियों को अपने हाथों को सैनिटाइज कराना होगा और मुंह पर मास्क लगाना होगा। जबकि, चालक और परिचालक को मुंह पर मास्क लगाने के साथ हाथों में ग्लब्स पहनने होंगे। लेकिन यहां नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं।
बसों में बैठाने से पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग नहीं की जा रही थी। परिचालकों को अलग से सैनिटाइजर भी सौंपे गए हैं। हालांकि, बस अड्डे को छोड़कर दूसरे स्थानों से बसों में बैठने वाले यात्रियों के हाथों को सैनिटाइज नहीं कराने की शिकायतें आईं। बस के चालक और परिचालक ने हाथों में ग्लब्स और मुंह पर मास्क लगाया हुआ था। साथ ही वर्दी भी पहनी हुई थी। लेकिन कुछ यात्री मुंह पर बिना मास्क लगाए बसों में सवार हो गए।
ऐसे यात्रियों को रोकने का प्रयास भी नहीं हुआ। यही हालत दूसरे यात्री वाहनों की भी थी। ई-रिक्शा, जुगाड़, टैक्टर-ट्राली जैसे वाहनों में भी लोग यात्रा कर रहे हैं। जिनमें शारीरिक दूरी का पालन होता, कहीं नजर नहीं आया। जिन्हें रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा हैै।
बाजारों में लोगों की भीड़, शारीरिक दूरी का पालन नहीं
लॉकडाउन के बीच खुलने वाले बाजार में लोगों की भीड़ पहुंच रही है। बाजार में पहुंचने वाले लोग सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं कर रहे हैं। बैंकों के बाहर भी दोपहर तक लोगों की लंबी कतार लगी रहती है।
लॉकडाउन के बीच जरूरी सामान के लिए प्रशासन ने सुबह के 7 बजे से 4 बजे तक सामान खरीदने के लिए छूट दे रखी है। बाजार में सुबह लोगों की भीड़ पहुंच रही है। सब्जी की दुकानों समेत अन्य दुकानों पर पहुंचने वाले लोग सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को बैंकों के बाहर भी लोगों की लंबी लाइन नजर आई। लाइन में लोग सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं कर रहे है।