खतौली के गांव अतंवाड़ा में राजस्व टीम ने पुलिस व पीएसी बल को साथ लेकर नागिन नदी की भूमि से अवैध कब्जों को जेसीबी से हटवाया। इस दौरान गांव की महिलाओं समेत ग्रामीणों ने विरोध भी जताया। राजस्व टीम ने जेसीबी से ग्रामीणों की दीवार के अलावा कूड़ी को हटवाते हुए दर्जनों बिटौड़ों को गिरा दिया।
अंतवाड़ा गांव में 500 साल पूर्व नागिन नदी का उद्गम हुआ था, जिसका अस्तित्व अब खत्म हो चुका है। नागिन नदी के सूख जाने से इसकी जमीन पर ग्रामीणों ने अवैध कब्जा कर लिया है। तहसील के सरकारी अभिलेखों में नागिन नदी का रकबा करीब 160 बीघा भूमि का है। इस भूमि में नागिन नदी बहती थी।
गांव के किसानों ने भी भूमि पर कब्जा करके फसलों की बुआई कर रखी है। कुछ ग्रामीणों ने अवैध कब्जा करके मकानों का निर्माण भी कर लिया है। बुधवार को राजस्व टीम गांव में पुलिस व पीएसी बल को साथ लेकर अवैध कब्जा हटवाने पहुंची। अवैध कब्जा हटवाने को लेकर महिलाओं समेत ग्रामीणों ने विरोध भी जताया।
उनका कहना था कि उन्होंने यह भूमि गांव के ही लोगों से खरीदी थी, लेकिन उनके पास भूमि के कागजात नहीं है। राजस्व टीम ने जेसीबी से अवैध तरीके से भूमि में बनाई गई ग्रामीण नरेश की दीवार को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा दर्जनों ग्रामीणों के बिटौड़े गिरा दिए। ग्रामीणों की कूड़ी के ढ़ेरों को हटवा दिया गया। राजस्व टीम ने कब्जाधारियों को चेताया कि दोबारा से कब्जा करने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मकान मालिकों को नोटिस भेजा जाएगा
तहसील के कानूनगो बबलू कुमार ने बताया कि डीएम राजीव कुमार शर्मा ने मंगलवार को नागिन नदी की भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम के निर्देश पर ही अवैध कब्जा हटवाने की कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को जिन 21 किसानों ने कब्जा कर फसलों की बुआई कर रखी थी।
ट्रैक्टर से इन किसानों की करीब 60 बीघा गन्ने व ज्वार की फसल को खुर्दबुर्द करके भूमि का कब्जामुक्त कराया गया था। उन्होंने बताया कि जिन ग्रामीणों ने अवैध कब्जा करके भूमि पर मकान बना लिए हैं, उनको तहसील से धारा 67 का नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद इन मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
तीन वर्ष पूर्व भी कार्रवाई की गई थी
नागिन नदी की भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई राजस्व टीम ने तीन वर्ष पूर्व भी की थी। उस वक्त भी किसानों की 60 बीघा से अधिक भूमि में खड़ी तैयार गन्ने की फसल को कटवा दिया गया था। तत्कालीन तहसीलदार सतीश कुशवाह ने गन्ने को अपने कब्जे में करके शुगर मिल में डलवा दिया था। उस वक्त भी राजस्व टीम ने अवैध कब्जाधारियों को चेताया था कि दोबारा कब्जा करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।