- तेल कंपनियां मनमाने तरीके से गैस के दाम बढ़ा रही हैं, जिससे रसोई का बजट बिगड़ रहा है। पिछले एक वर्ष से सब्सिडी भी नहीं आ रही है। सरकार गरीब व मध्यम वर्ग के बजट को बिगाड़ने का काम कर रही है।- डॉ. सुची कश्यप, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ।
- घरेलू रसोई गैस का उपयोग गरीब परिवार भी करते हैं, उन पर महंगाई की मार पड़ रही है। गरीब परिवारों को गैस के बढ़ते दामों से राहत मिलनी चाहिए। सिलिंडर पर सब्सिडी नहीं दिए जाने से भी लोग त्रस्त हैं। - शहनाज सैफी, अध्यापिका, बुढ़ाना।
- घरेलू रसोई गैस के दाम बेलगाम हो गए हैं। तीन महीने में 175 रुपये की वृद्धि होने से गरीब परिवार परेशान है। गृहिणियों का बजट बिगड़ गया है। सरकार का गरीब व मध्य परिवार की ओर ध्यान नही है। - सीमा गृहिणी, बुढ़ाना।
- घरेलू गैस के बढ़ते दाम को लेकर गृहणी परेेशान है। सरकार का मध्यम वर्गीय लोगों की ओर कोई ध्यान नही है। सरकार को रसोई में प्रयोग होने वाले सामान के दाम पर नियंत्रण रखना चाहिए। - पारुल गृहणी।