सच्चे देशभक्त थे ऋषि दयानन्द: डॉ ध्रुवपाल
मुजफ्फरनगर। आर्य समाज के प्रवर्तक, महान समाज सुधारक महर्षि दयानंद सरस्वती के 137 वें निर्वाण दिवस पर यज्ञ में आहुतियां अर्पित की गई। नियुक्ति विभाग लखनऊ के उपसचिव डॉ ध्रुवपाल सिंह अहलूवालिया ने कहा कि ऋषि दयानंद सच्चे देशभक्त थे, जिनकी प्रेरणा से स्वतंत्रता संग्राम में आर्य समाज की अहम भूमिका रही।
सरकुलर रोड स्थित संतोष विहार में वैदिक संस्कार केंद्र पर आयोजित निर्वाण दिवस समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. ध्रुव पाल सिंह ने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति के गौरव को स्थापित करने में ऋषि दयानंद के सिद्धांत तथा कार्य अमिट है। युवा सत्यार्थ प्रकाश पढ़ें और जीवन को वैचारिक क्रांति दे। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि भारत सैंकड़ों वर्ष मुगलों और अंग्रेजों की दास्तां में रहा। ऋषियों की संस्कृति नष्ट कर दी गई। महर्षि दयानंद ने वेदों की ओर लौटो का नारा देकर हिंदू समाज की रक्षा की। गजेंद्र राणा और डॉ. सतीश चौधरी ने प्रेरक भजन सुनाए। आनंद पाल सिंह आर्य, यज्ञदत्त आर्य ने विचार रखे। मंगत सिंह आर्य, रजनीश गुप्ता, राजेंद्र चौधरी, देवेंद्र शर्मा, अथर्व भारद्वाज, लक्ष्यदेव आदि मौजूद रहे। संचालन आरपी शर्मा ने किया।
मेधावी रिद्धि सिंघल और उत्सव पंवार सम्मानित
मुजफ्फरनगर। आर्य समाज द्वारा बी-फार्मा एवं बॉयोटेक परीक्षा में प्रदेश में प्रथम रही और नीट में 2702 रैंक प्राप्त करने वाली छात्रा रिद्धि सिंघल, उनकी माता डॉ सुधा तथा पिता सुनील सिंघल को सम्मानित किया गया। यूपी कैटेट परीक्षा में सूबे में फर्स्ट रैंक हासिल करने वाले व नीट में सफल विद्यार्थी उत्सव पंवार, उनके पिता संजीव पंवार को भी महर्षि दयानंद का चित्र, सत्यार्थ प्रकाश, उपहार भेंट किए गए।