मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य डॉ. फरीदा अब्दुल्ला खान ने कहा कि दंगा विस्थापितों को अधिकारी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंने अब से पूर्व दी गई सुविधाओं को लेकर जिला प्रशासन की तारीफ की।
विकास भवन में दंगा प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापना को लेकर ली गई बैठक में उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि दंगा प्रभावित कुछ गांवों में वापस लौट आए हैं। इसके लिए प्रशासनिक और सामाजिक दोनों स्तर पर संयुक्त प्रयास जारी रहना चाहिए।
अल्पसंख्यकों के लिए भारत सरकार और प्रदेश सरकार ने जो योजनाएं चलाई हैं, उनका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार होना चाहिए। जिला प्रशासन के अब तक के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ हमें आगे भी दंगा विस्थापितों को पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग और सामंजस्य से बड़ी से बड़ी समस्याओं का हल निकाला जा सकता है।
डीएम निखिलचंद्र शुक्ला ने बताया कि राहत शिविरों से सभी प्रभावित लोग अपने पुराने गांवों को लौट गए हैं। विस्थापितों के लिए शौचालय, हैंडपंप और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। डीएम ने बताया कि उनके द्वारा गांवों में ही स्वास्थ्य कैंप लगवाए जा रहे हैं।
सेवायोजन और जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से दंगा पीड़ितों को रोजगार के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया। लड़कियों को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई का प्रशिक्षण दिया गया। प्रभावितों के राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र की व्यवस्था भी की गई। विकास भवन में बैठक के बाद फरीदा अब्दुल्ला खान पलड़ा में विस्थापितों की कॉलोनी में पहुंचीं। उन्होंने विस्थापितों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा।
वहां उनके कई समस्याएं सामने आईं। इससे पूर्व विकास भवन में हुई बैठक में प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मुफ्ति जुल्फिकार, एसएसपी केबी सिंह, सीडीओ अवनीश कुुमार शर्मा, सीएमओ डॉ. सुबोध कुमार, एसडीएम सदर उज्ज्वल कुमार, एसडीएम वैभव कुमार, उमेश चंद्र मिश्रा और समस्त विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।