कलक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक लेते विशेष सचिव ।
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प्रदेश के विशेष सचिव राजस्व जयप्रकाश सगर ने कहा कि राजस्व वादों का समय सीमा में निस्तारण हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुकदमों को ज्यादा लंबे समय तक न खींचा जाए। उन्होंने तीन वर्ष से अधिक के राजस्व वादों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व वादों का निरीक्षण करते हुए जयप्रकाश सगर ने पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुकदमों को ज्यादा लंबे समय तक न खींचा जाए। प्रतिदिन की तारीख लगाकर वाद निस्तारित करें। मृतक वारिसान के नाम अभियान चलाकर दर्ज कराएं। फाइलों की बीडिंग का कार्य समय पर होते रहना चाहिए। राजस्व ग्रामों के सजरे, रिकार्ड का रखरखाव अच्छी स्थिति में होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभिलेखागारों में सफाई, अग्रिशमन और कीटनाशक के छिड़काव की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। विशेष सचिव ने कहा कि ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के साथ उनका ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड कराएं। नौकरी के चरित्र प्रमाण-पत्रों का सत्यापन भी नियमित रूप से होना चाहिए।
डीएम डीके सिंह ने बताया कि एक जनवरी से अब तक 996 चरित्र प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन आ चुके हैं। इनमें 894 चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत किए जा चुके हैं। हैसियत प्रमाण-पत्रों के निस्तारण की स्थिति भी बेहतर है। 528 आवेदन में से 485 हैसियत प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं।
इससे पूर्व कलक्ट्रेट में पहुंचने पर विशेष सचिव जयप्रकाश सगर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बैठक में एडीएम वित्त सुनील सिंह, एडीएम मनोज कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। इसके अलावा विशेष सचिव ने डीएम डीके सिंह द्वारा गोद लिए गांव चांदपुर का निरीक्षण किया। एडीएम वित्त सुनील सिंह उनके साथ रहे। उन्होंने कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की जानकारी ली।