फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांवड़ियों के वाहन ने दुकानदार को कुचला

Tue, 26 Jul 2016 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
मृत पड़े व्यक्ति को देखते लोग। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कांवड़ियों के वाहन की चपेट में आकर कुचले जाने से एक दुकानदार की मौत हो गई। वह कांवड़ यात्रा के दौरान हाईवे पर चाय की दुकान कर रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विज्ञापन


छपार थाना क्षेत्र के गांव बरला के मजरे रामनगर निवासी 40 वर्षीय अर्जुन पुत्र सतीश ने  कांवड़ मेले में मांडला पुलिया के निकट आई पर चाय की दुकान लगा रखी है। रविवार रात्रि करीब दो बजे वह अपनी दुकान के सामने सोया हुआ था। इसी दौरान कांवड़ियों के टाटा मैजिक ने उसे चपेट में लेकर कुचल दिया। टाटा मैजिक वालों ने ही उसे मुजफ्फरनगर अस्पताल में भर्ती कराया। खबर मिलने पर छपार पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई।

अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के पिता की ओर से दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज कर टाटा मैजिक चालक  रविन्द्र निवासी पानीपत हरियाणा को गिरफ्तार कर टाटा मैजिक को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने  शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन


कांवड़िए की मौत, मृतक की पहचान नहीं हो सकी
हाईवे पर गंगा जल लेकर आ रहे एक कांवड़िए की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है। मृतक की पहचान कराने के प्रयास जारी हैं।
 सोमवार दुपहर हरिद्वार से गंगा जल लेकर आ रहे एक शिवभक्त कांवड़िए की छपार आने पर अचानक तबियत बिगड़ गई। वह बेहोश होकर सड़क पर गिर गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे जिला अस्पताल  में भर्ती कराया। वहां पर उसकी मृत्यु हो गई। मृतक कांवड़िए की शिनाख्त नहीं हो सकी, न ही उसके पास कोई आईडी, मोबाइल फोन मिला है। पुलिस उसकी पहचान कराने को प्रयासरत है। 

दुर्घटनाओं में आधा दर्जन कांवड़िए
जैसे-जैसे भीड़ बढ़ रही है, उसी हिसाब से कांवड़ मार्गों पर दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं। रविवार रात संधावली फाटक  के पास गाजियबाद के पिलखनी निवासी संजय और बीबी सिंह किसी वाहन की चपेट में आकर घायल हो गए। दोनों को पुलिस ने जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। मेरठ के बहसूमा निवासी गुड्डू उर्फ सतेंद्र का पीनना बाईपास के पास एक्सीडेंट हो गया।

इसे भी अस्पताल में भर्ती कराया। वहलना चौक के पास दिल्ली के शाहदरा निवासी हरिओम और इसका बेटा जतिन बाइक की चपेट में आ गए। दोनों को जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। सिसौना के पास बुलंदशहर निवासी सतेंद्र गड्ढे में गिरने से पैर तुड़वा बैठा। साथियों ने प्राइवेट चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। सभी घायल भोलों का उपचार चल रहा है। 

हरिद्वार गए युवक की संदिग्ध हालात में मौत 
शहर कोतवाली के खादरवाला निवासी युवक हरिद्वार दोस्तों के साथ कांवड़ लेने गया था, वहां उसकी मौत हो गई। साथ में गए दोस्त उसके शव को लेकर शहर में आए तो परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरवाकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और मृतक के तीन दोस्तों को हिरासत में लिया है। 

खादरवाला निवासी युवक अरुण अपने तीन साथियों के साथ हरिद्वार कांवड़ लेने के लिए गया था। हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई। मृतक के साथी उसे लेकर शहर में आ गए। परिजनों ने मौत का कारण पूछा तो तीनों संतुष्टि भरा जवाब नहीं दे पाए। शहर कोतवाली पुलिस को मामले से अवगत कराया गया।

मौत का कारण जानने के लिए पुलिस ने मृतक का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस ने तीनों दोस्तों को हिरासत में लिया है। पुलिस तीनों से पूछताछ करने में जुटी है। मृतक दिल्ली की एक कंपनी में मार्केटिंग का काम करता था और स्थानीय पत्रकार का भाई है। 

दीवार में सिर लगने से ग्रामीण की मौत 
बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव बिटावदा का रहने वाला महक सिंह (55) पुत्र भंवर सिंह सोमवार को शाम के समय बुढ़ाना आया था। पुलिस व परिजनों का कहना है कि महक सिंह नशे का आदि था। पिछले करीब 15 दिन से वह लगातार नशा कर रहा था। सोमवार को शाम करीब 4 बजे कस्बे के मोहल्ला पछाला की गली में ढलान से नीचे उतरते समय पैर फिसलने के कारण गिरने से उसका सिर दीवार से टकरा गया।

सिर दीवार में टकराने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। अचेत व गंभीर अवस्था में महक सिंह को कस्बे की सीएचसी पर भर्ती करवाया गया। सीएचसी में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मृतक महक सिंह के परिजनों में कोहराम मच गया।

ग्राम प्रधान के साथ उसके परिजन कस्बे की सीएचसी पर पहुंचे। मृतक के पुत्र प्रदीप उर्फ भूरा ने घटना की रिपोर्ट दर्ज करवाने से मना कर दिया। उन्होंने मृतक का पोस्टमार्टम भी नही करवाया। परिजनों के साथ प्रदीप अपने मृतक पिता के शव को अपने गांव ले गए। घटना से परिवार में शोक छाया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें