मुजफ्फरनगर। हवा की गुणवत्ता खराब होने से सांसों पर संकट है। एक्यूआई 270 के स्तर पर पहुंच गया। अस्थमा, सांस और नेत्र रोगियों के सामने समस्या खड़ी होने लगी है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के सभी प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। खुले में निर्माण और सड़कों पर उड़ती धूल प्रदूषण की वजह है।
बुधवार को हवा की गुणवत्ता का स्तर खराब रहा। सुबह और शाम के समय सांस के रोगियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। सरकारी और प्राइवेट अस्पताल की ओपीडी में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ गई।
पूर्व सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने बताया कि इस तरह के मौसम में सुबह-शाम की सैर से परहेज करना चाहिए। विशेषकर बुजुर्गों को साफ मौसम में ही घर से निकलना चाहिए। स्मॉग के कारण सांस लेने में दिक्कत होती है। अगर जरूरी है तो घर से बाहर जाने के लिए मॉस्क और चश्मे का प्रयोग करना चाहिए। इससे सेहत को कम से कम नुकसान होगा। परेशानी बढ़ने पर डॉक्टर से मशवरा कर दवाई लेनी चाहिए।