पुलिस की पाठशाला में मौजूद विद्यार्थी। स्रोत: संवाद
मुजफ्फरनगर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने कहा कि कोई पुलिस अधिकारी बन कर कॉल करता है या कोई साइबर अपराध होता है या तो डरें नहीं, बल्कि तुरंत ही पुलिस को सूचना दें। जितनी जल्दी सूचना मिलेगी, पुलिस उतनी ही प्रभावी कार्रवाई कर सकेगी।
बुधवार को परिक्रमा मार्ग पर स्थित डीएस पब्लिक स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एएसपी ने पुलिस के छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध व उससे बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बेटियों से आह्वान किया कि निडरता से रहें। अगर कोई साइबर अपराध होता है तो डरे नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें। हेल्प लाइन नंबर, पुलिस हेल्प डेस्क, अभिभावकों या शिक्षकों की तुरंत मदद लेनी चाहिए। डिजिटल अरेस्ट जैसी पुलिस की कोई कार्रवाई नही होती।
उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन नंबर का निर्भीक होकर उपयोग करें। यदि उन्हें रास्ते में कोई व्यक्ति परेशान करे या गलत नजर से देखे तो नजर अंदाज न करें, इसकी शिकायत पुलिस से करें। अपराध को छिपाने से अपराधी का साहस बढ़ता है। इसलिए सही समय पर पुलिस को जानकारी दें। इस दौरान स्कूल के एजूकेशन डायरेक्टर संतोष जैन, प्रधानाचार्य गगन शर्मा, समन्वयक संदीप दीक्षित मौजूद रहे।
छात्राओं ने पूछे सवाल : छात्रा आस्था, आन्या मलिक, एकता, नव्या आदि ने सवाल पूछे। इस दौरान साइबर थाने में तैनात निरीक्षक प्रदीप कुमार, दरोगा जय शर्मा, महेंद्र सिंह ने छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फेसबुक लॉक, फोटो और वीडियो अपलोड रोकने के विषय में जानकारी दी। कहा कि सभी छात्र व छात्रा सोशल मीडिया की प्रोफाइल को लॉक रखें।
पुलिस की पाठशाला में मौजूद विद्यार्थी। स्रोत: संवाद